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World Asthma day 2022: सांस की इस गंभीर बीमारी के लक्षण, कारण और बचाव तक, जानिए सबकुछ विस्तार से

Tue, 03 May 2022 01:19 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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विश्व अस्थमा दिवस 2022 - फोटो : iStock
अस्थमा, सांस की गंभीर बीमारियों में से एक है। इस बीमारी के कारण कुछ स्थितियों में आपके लिए सांस लेना मुश्किल हो जाता है। अगर समय रहते उपचार न मिल पाए तो स्थिति काफी गंभीर भी हो सकती है, यही कारण है कि जिन लोगों को अस्थमा की दिक्कत होती है, उन्हें लगातार बचाव के उपाय करते रहने की सलाह दी जाती है। रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र (सीडीसी) के अनुसार अमेरिकी बच्चों में अस्थमा की समस्या काफी आम है, हर 12 में से 1 बच्चे को अस्थमा है। विशेषज्ञों का कहना है कि जिन लोगों को इस तरह की सांस की दिक्कत होती है उन्हें अपने आहार और जीवनशैली पर विशेष ध्यान देते रहने की आवश्यकता होती है।

विश्व स्तर पर अस्थमा से बचाव और रोकथाम के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए हर साल 3 मई को 'वर्ल्ड अस्थमा डे' मनाया जाता है। इस साल की थीम है- क्लोजिंग गैप्स इन अस्थमा केयर। अस्थमा को समझने के लिए यह जानना जरूरी है कि जब आप सांस लेते हैं तो इस स्थिति में किस तरह की समस्याएं हो सकती हैं? आइए इस श्वसन रोग के बारे में आगे विस्तार से समझने की कोशिश करते हैं। 
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अस्थमा की समस्या हो सकती है गंभीर - फोटो : Pixabay
अस्थमा की समस्या के बारे में जानिए

आमतौर पर जब हम सांस लेते हैं तब हमारी नाक के माध्यम से हवा गले और फिर वायुमार्ग से होते हुए फेफड़ों तक पहुंचाती है। फेफड़े में बहुत से छोटे वायु मार्ग होते हैं जो हवा से ऑक्सीजन को आपके रक्तप्रवाह में पहुंचाने में मदद करते हैं। अस्थमा की स्थिति में वायुमार्ग संकीर्ण या सूज जाते हैं।

कुछ स्थितियों में बलगम का उत्पादन भी बढ़ जाता है। इस स्थिति में सांस लेना मुश्किल हो सकता है और जब हम सांस छोड़ते हैं तो खांसी, सीटी की आवाज (घरघराहट) होती है। अस्थमा एक क्रोनिक समस्या है जिसके लिए आपको निरंतर देखभाल की आवश्यकता होती है।
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अस्थमा में सांस लेने की तकलीफ - फोटो : Pixabay
अस्थमा के क्या लक्षण होते हैं?

अस्थमा की स्थिति में सांस लेने में तकलीफ और घरघराहट की समस्या सबसे सामान्य है। इसके अलावा लोगों में अस्थमा के प्रकार और इसकी गंभीरता के आधार पर लक्षण भिन्न-भिन्न हो सकते हैं। सामान्यतौर पर इस तरह की समस्याएं अधिक देखने को मिलती हैं। 
  • खांसी, विशेष रूप से रात में।
  • सीने में जकड़न और सांस लेने में तकलीफ महसूस होते रहना।
  • थकान-छाती में दर्द।
  • तेजी से सांस लेने की आवश्यकता महसूस होना। 
  • धूल या विपरीत परिस्थितियों में सांस न आने जैसा अनुभव।

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अस्थमा के खतरे को पहचानिए - फोटो : Pixabay
क्यों होती है यह दिक्कत?

किसी व्यक्ति में अस्थमा के विकसित होने के कई कारण हो सकते हैं। इसे आनुवांशिक भी माना जाता है, यानी कि यदि आपके परिवार में किसी को अस्थमा की समस्या रह चुकी है तो आपमें भी इसका खतरा हो सकता है। इसके अलावा बचपन में वायरल संक्रमण भी आपमें इसके जोखिम को बढ़ा सकती है। कुछ लोगों में धूल, मोल्ड, पराग कण, पालतू जानवरों के रोएं या ठंडक के कपड़ों के कारण भी अस्थमा ट्रिगर हो सकता है। 
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अस्थमा से बचाव जरूरी - फोटो : istock
अस्थमा का क्या उपचार है?

आपमें अस्थमा की समस्या कितनी गंभीर है, इस आधार पर इसका इलाज किया जाता है। इसके लिए डॉक्टर आपको कुछ दवाइयां देते हैं जिससे अस्थमा अटैक में तुरंत मदद मिल सके, इसके लिए कुछ दवाएं अस्थमा अटैक से बचाव के लिए दी जाती हैं। हालांकि जिन लोगों को यह समस्या होती है उन्हें निरंतर बचाव और ट्रिगर को समझते हुए उससे रोकथाम करते रहना आवश्यक होता है। अस्थमा रोगियों को हमेशा अपने पास इनहेलर रखने की सलाह दी जाती है।
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इनहेलर हमेशा रखें साथ - फोटो : Istock
अस्थमा से बचाव कैसे करें?

अस्थमा अटैक को रोकने के लिए बचाव के उपायों को करते रहना बहुत आवश्यक माना जाता है। इसके लिए आपको सबसे पहले उन कारकों के बारे में समझने की जरूरत होती है जो आपकी समस्या को बढ़ा सकते हैं। धूल, मोल्ड या पराग कणों के संपर्क में आने से बचना चाहिए, ये समस्या को बढ़ा सकते हैं। नियमित रूप से सांस वाले व्यायाम करें जिससे फेफड़ों को स्वस्थ रखा जा सके और अस्थमा के लक्षणों को गंभीर होने से बचाया जा सके। 


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स्रोत और संदर्भ
Asthma is a major noncommunicable disease

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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