फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

World Asthma Day 2021: जानिए विश्व अस्थमा दिवस का इतिहास, विषय एवं अन्य महत्वपूर्ण जानकारी

Tue, 04 May 2021 12:22 PM IST
तेजस्वी मेहता लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 5
श्वसन प्रणाली को प्रभावित करती है - फोटो : Social Media

प्रतिवर्ष मई माह के पहले मंगलवार को विश्व अस्थमा दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस वर्ष इसे 4 मई को मनाया जा रहा है। लोगों तक अस्थमा से जुड़ी सही जानकारी पहुंचाने एवं बीमारी के प्रति उन्हें जागरूक करने के लिए संपूर्ण विश्व में इस दिन का आयोजन होता है। अस्थमा एक ऐसी बीमारी है जो कि फेफड़ों पर आक्रमण कर श्वसन प्रणाली को प्रभावित करती है। ऐसे में अस्थमा के मरीजों की सहायता करना भी इस दिन का मकसद है। अगली स्लाइड्स से जानिए विश्व अस्थमा दिवस का इतिहास, विषय एवं अन्य महत्वपूर्ण जानकारी। 

विज्ञापन

2 of 5
1998 में इस दिन का आयोजन 35 से अधिक देशों में किया गया था - फोटो : Pixabay

विश्व अस्थमा दिवस का इतिहास
विश्व अस्थमा दिवस की शुरुआत 1993 में ग्लोबल इनिशिएटिव फॉर अस्थमा द्वारा विश्व स्वास्थ्य संगठन के सहयोग से की गई थी। 1998 में इस दिन का आयोजन 35 से अधिक देशों में किया गया था। विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा इस दिन को महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्वास्थ्य दिवसों में से एक माना जाता है। डब्ल्यूएचओ के अनुसार, यह अनुमान लगाया गया था कि वैश्विक स्तर पर 339 मिलियन से अधिक लोगों को अस्थमा था और 2016 में वैश्विक स्तर पर अस्थमा के कारण 417,918 मौतें हुई थीं।

विज्ञापन

3 of 5
‘अस्थमा की भ्रांतियों को उजागर करना’ - फोटो : social media

विश्व अस्थमा दिवस का विषय
विश्व अस्थमा दिवस के लिए इस वर्ष जो विषय तय किया गया है वो है, ‘अस्थमा की भ्रांतियों को उजागर करना’। कई लोगों के बीच अस्थमा से जुड़ी गलत बातें फैली हुई हैं, बस इन्हीं लोगों तक सच को पहुंचाना इस वर्ष के विषय का मकसद है। पिछले वर्ष का विषय ‘अस्थमा से होने वाली पर्याप्त मृत्युएं’ था। इसी तरह हर वर्ष एक विषय तय किया जाता है जिसपर कि पूरे वर्ष काम होता है। 

 

4 of 5
श्वसन मार्ग सिकुड़ जाता है - फोटो : Pixabay
अस्थमा के लक्षण
अस्थमा के लक्षणों में मुख्य रूप से सांस लेने में कठिनाई होने लगती है क्योंकि श्वास नलियों में सूजन आने के कारण श्वसन मार्ग सिकुड़ जाता है। इसके अलावा खांसी, घबघराहट तथा सीने में जकड़न व भारीपन होना, फेफड़ों में लंबे समय तक कफ जमे रहना, नाड़ी गति का बढ़ जाना, सांस लेते समय सीटी की आवाज का आना आदि भी अस्थमा के लक्षण हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
वसा वाली चीजों का सेवन कम से कम करना चाहिए - फोटो : social media

अस्थमा के मरीज न खाएं ये चीजें 
अस्थमा के मरीज गरिष्ठ भोजन, तले हुए पदार्थ न खाएँ। अधिक मीठा, ठण्डा पानी, दही का सेवन भी न करें। अस्थमा के रोगियों को प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, वसा वाली चीजों का सेवन कम से कम करना चाहिए। कोल्ड ड्रिंक के सेवन से भी परहेज करें। 

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें