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World Aids Day 2021: क्या साल 2030 तक एड्स पर मिल सकेगी जीत? जानिए कैसे करें इससे बचाव

Wed, 01 Dec 2021 12:08 AM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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एचआईवी एड्स से बचाव - फोटो : Pixabay
दुनियाभर में जिन बीमारियों के कारण मृत्युदर सबसे अधिक माना जाता है, एड्स उन्हीं में से एक है। एचआईवी नामक वायरस के कारण होने वाले इस रोग को वैसे तो लाइलाज माना जाता है, हालांकि पिछले कुछ वर्षों में हुए अध्ययन में वैज्ञानिक इसके उपचार के तरीकों को ढंंढने के लिए तेजी से काम कर रहे हैं। एड्स के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए हर साल 1 दिसंबर को विश्व एड्स दिवस मनाया जाता है। आंकड़ों पर नजर डालें तो दुनियाभर में 37.9 मिलियन (करीब 3.79 करोड़) से अधिक लोग एचआईवी या एड्स से संक्रमित हैं। स्वास्थ्य संगठन साल 2030 तक एड्स को खत्म करने के लक्ष्य पर काम कर रहे हैं।

विश्व एड्स दिवस से दो दिन पहले एचआईवी पर संयुक्त संयुक्त राष्ट्र कार्यक्रम की रिपोर्ट में कहा गया है कि एचआईवी संक्रमण की दर में उस तेजी से फिलहाल गिरावट नहीं देखने को मिल रही है जिससे साल 2030 तक इसे खत्म करने के लक्ष्य को पूरा किया जा सके। अभी इस लड़ाई में और अधिक मेहनत की आवश्यकता है जिससे तेजी से बढ़ते इस रोग के मृत्युदर को कम किया जा सके।
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एड्स से बचाव की आवश्यकता - फोटो : twitter
एड्स की रोकथाम को लेकर लक्ष्य
यूएनएड्स ने जून में एचआईवी-एड्स की रोकथाम को लेकर नए लक्ष्य निर्धारित किए थे। इसमें रोगियों तक एचआईवी सेवाओं को 95 प्रतिशत तक पहुंचाने, वार्षिक एचआईवी संक्रमण की संख्या को घटाकर 370,000 से कम करने और साल 2025 तक एड्स से संबंधित मौतों को 250,000 से कम करने का लक्ष्य रखा गया था। हालांकि यूएनएड्स के कार्यकारी निदेशक विनी ब्यानिमा कहती हैं, फिलहाल के आंकड़े बताते हैं कि इन लक्ष्यों को प्राप्त करना काफी कठिन हो सकता है। 
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एड्स की रोकथाम के तरीके - फोटो : twitter
एड्स की रोकथाम जरूरी
यूएनएड्स की रिपोर्ट में एड्स की रोकथाम के लिए वैश्विक स्तर पर पांच जरूरी रणनीतियों को प्राथमिकता देने की बात कही गई है। इसमें महामारी की रोकथाम, तैयारियों और प्रतिक्रिया के लिए विश्व स्तर पर वित्त पोषण को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक समलैंगिक पुरुषों और यौनकर्मियों, इंजेक्शन द्वारा नशीली दवाओं का उपयोग करने वाले लोगों और कैदियों में एचआईवी संक्रमण का सबसे अधिक खतरा बना हुआ है।

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एचआईवी संक्रमण के लक्षण - फोटो : iStock
एचआईवी संक्रमण के लक्षणों को पहचानिए
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक एचआईवी संक्रमण का समय पर पता लगना आवश्यक होता है। संक्रमितों में वायरस के शरीर में प्रवेश करने के दो से चार सप्ताह के भीतर फ्लू जैसे लक्षणों को अनुभव हो सकता है। इसके अलावा यदि इस तरह के लक्षण लंबे समय तक बने रहते हैं तो इससे विशेष सावधान हो जाने की जरूरत होती है। 
  • बुखार और  सिरदर्द
  • मांसपेशियों और जोड़ों का दर्द
  • त्वचा पर असामान्य रूप से चकत्ते होना।
  • गले में खराश और मुंह के छाले
  • लसीका ग्रंथियां में सूजन मुख्यतः गर्दन पर
  • दस्त आना और वजन कम होना
  • रात को असामान्य रूप से अधिक पसीना आना।
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एड्स से बचाव जरूरी - फोटो : Pixabay
एचआईवी संक्रमण से बचाव
एचआईवी संक्रमण से सुरक्षित रहने के लिए फिलहाल कोई वैक्सीन या विशिष्ट उपचार उपलब्ध नहीं है, इसलिए इससे बचाव करते रहना सबसे आवश्यक माना जाता है। इसके लिए शारीरिक संबंध बनाते समय हर बार कंडोम का इस्तेमाल, साफ और नई सुई को प्रयोग में लाने, संक्रमित व्यक्ति से यौन संबंध न बनाने जैसे उपायों को प्रयोग में लाकर एचआईवी संक्रमण से खुद को सुरक्षित रखा जा सकता है। 


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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से प्राप्त जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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