महिलाओं को अपनी सेहत को लेकर विशेष ध्यान देते रहने की आवश्यकता होती है। पीसीओएस जैसी समस्याओं को अनदेखा करना भविष्य में आपके लिए कई प्रकार की समस्याओं को बढ़ाने वाली हो सकती है। अध्ययन से पता चलता है कि प्रीमेंस्ट्रुअल सिंड्रोम की समस्या की शिकार महिलाओं में 45 वर्ष की आयु से पहले रजोनिवृत्ति होने की आशंका अधिक हो सकती है।
प्रीमेंस्ट्रुअल सिंड्रोम के विभिन्न प्रकार के संकेत और लक्षण होते हैं, जिनमें मूड में बदलाव, फूड क्रेविंग होना, थकान, चिड़चिड़ापन और अवसाद जैसी समस्याएं शामिल हैं। डॉक्टर्स का अनुमान है कि मासिक धर्म के दौरान हर चार में से तीन महिलाओं को प्रीमेंस्ट्रुअल डिसऑर्डर (पीएमडी) का अनुभव हो सकता है।
शोधकर्ताओं कहते हैं, सभी महिलाओं को इस तरह के जोखिमों को लेकर अलर्ट रहने की आवश्यकता होती है, इन समस्याओं को अनदेखा करना भविष्य में आपके लिए गंभीर जोखिमों को बढ़ाने वाली हो सकती है। समय से पहले मनोपॉज होना भी समस्याकारक स्थिति है।