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Woman Health: पीरियड्स में आता है कम फ्लो? जानें ये सही है या गलत

Wed, 22 Apr 2026 04:23 PM IST
Shruti Gaur हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Woman Health Tips: अगर आपके साथ भी ऐसा होता है, तो ये लेख आपके काम का है। यहां हम आपको बताएंगे इसकी सही वजह, ताकि आपको घबराने की जरूरत न पड़े। 
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पीरियड्स में आता है कम फ्लो? जानें ये सही है या गलत - फोटो : AI
Woman Health Tips: महिलाओं में पीरियड्स के दौरान फ्लो का कम होना एक सामान्य चिंता का विषय है। कई बार यह सिर्फ हार्मोनल बदलाव या जीवनशैली के कारण होता है, लेकिन कभी-कभी यह किसी मेडिकल समस्या का संकेत भी हो सकता है। 

कम फ्लो आने से महिलाएं घबराती हैं, लेकिन जरूरी नहीं कि हर बार यह गंभीर हो। ऐसे में ये लेख आपको बताएगा कि पीरियड्स में कम फ्लो क्यों आता है, इसके पीछे की सामान्य वजहें क्या हैं और किन परिस्थितियों में डॉक्टर से सलाह लेना आवश्यक है। सही जानकारी होने पर आप अपनी सेहत को बेहतर तरीके से मैनेज कर सकती हैं और अनावश्यक चिंता से बच सकती हैं।
 
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पीरियड्स में आता है कम फ्लो? जानें ये सही है या गलत - फोटो : Freepik.com
हार्मोनल बदलाव

महिलाओं के शरीर में हार्मोन जैसे थायरॉइड, प्रोस्टेरोन और एस्ट्रोजन का स्तर समय-समय पर बदलता रहता है। इन हार्मोन्स में असंतुलन होने पर मासिक धर्म का फ्लो कम या अनियमित हो सकता है। यह बदलाव खासकर टीनेज, प्रेगनेंसी के बाद या मेनोपॉज़ के दौरान आम हैं।

 
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पीरियड्स में आता है कम फ्लो? जानें ये सही है या गलत - फोटो : Freepil.com
तनाव और जीवनशैली

अत्यधिक तनाव, नींद की कमी या लगातार भारी व्यायाम करने से शरीर का हार्मोन संतुलन प्रभावित होता है। इसके कारण पीरियड्स का फ्लो कम या देर से शुरू हो सकता है। जीवनशैली में सुधार, पर्याप्त नींद और मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देने से इसमें सुधार संभव है।

 

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पीरियड्स में आता है कम फ्लो? जानें ये सही है या गलत - फोटो : Freepik.com
पोषण और वजन

अत्यधिक कम या अधिक वजन, आयरन और विटामिन की कमी भी पीरियड्स के फ्लो को प्रभावित कर सकती है। संतुलित आहार और पोषणपूर्ण भोजन लेने से फ्लो सामान्य बनाए रखा जा सकता है।

 
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पीरियड्स में आता है कम फ्लो? जानें ये सही है या गलत - फोटो : Freepik.com
मेडिकल कारण

कभी-कभी कम फ्लो का कारण पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (PCOS), हार्मोनल डिसबैलेंस या अन्य स्वास्थ्य समस्याएं होती हैं। ऐसी स्थिति में डॉक्टर से जांच और उपचार जरूरी है।

 
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पीरियड्स में आता है कम फ्लो? जानें ये सही है या गलत - फोटो : Freepik.com
कब डॉक्टर से मिलें

अगर लगातार फ्लो बहुत कम हो, या अन्य लक्षण जैसे तेज़ दर्द, थकान, अचानक बदलाव या अत्यधिक कम फ्लो दिखे, तो तुरंत डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए। समय पर सलाह लेने से गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से बचा जा सकता है।
 
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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