Disadvantages of Drinking Less Water in Cold: सर्दियों के मौसम में अक्सर हमें प्यास का अहसास कम होता है, जिसके कारण हम अनजाने में ही पानी का सेवन बहुत कम कर देते हैं। मगर स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, यह लापरवाही शरीर के लिए घातक साबित हो सकती है। कड़ाके की ठंड में हवा शुष्क होती है, और सांस लेने व पसीने के माध्यम से शरीर से नमी लगातार बाहर निकलती रहती है। जब हम पर्याप्त पानी नहीं पीते, तो हमारा खून गाढ़ा होने लगता है, जिससे हृदय को पंप करने में अधिक मेहनत करनी पड़ती है।
इसके परिणाम स्वरूप ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है और थक्के जमने का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा कम पानी पीने से शरीर के टॉक्सिन्स बाहर नहीं निकल पाते, जिससे मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है और इम्यून सिस्टम कमजोर हो जाता है। लोग अक्सर गर्म चाय या कॉफी को पानी का विकल्प मान लेते हैं, जबकि कैफीन युक्त पेय शरीर को और अधिक डिहाइड्रेट करते हैं।
सर्दियों में डिहाइड्रेशन को 'साइलेंट किलर' माना जा सकता है क्योंकि इसके लक्षण प्यास के बजाय थकान, सिरदर्द और चक्कर के रूप में सामने आते हैं। इसलिए आइए इस लेख में जानते हैं कि ठंड के मौसम में कम पानी पीने से किन बीमारियों का जोखिम बढ़ जाता है।