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Coronavirus: क्या गर्मी का मौसम आते ही खत्म हो जाएगा कोरोना? 

Thu, 05 Mar 2020 02:46 PM IST
निलेश कुमार लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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Coronavirus
चीन के वुहान शहर से शुरू हुआ कोरोनावायरस दुनियाभर में अपना पांव पसार रहा है। अबतक 3000 से ज्यादा लोगों की मौत का कारण बन चुके इस वायरस ने भारत में भी दस्तक दे दी है। देश में अबतक 30 लोग इससे संक्रमित हैं। कोरोनावायरस का अबतक कोई इलाज नहीं है और इससे बचाव ही एकमात्र उपाय है। इसी कारण लोगों से सावधानियां बरतने की अपील की जा रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, ब्रिटेन के स्वास्थ्य मंत्री मैट हैंकॉक समेत कई नेताओं के अलावा स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने गर्मी का मौसम आने पर कोरोनावायरस के खत्म होने की उम्मीद जताई है। आइए, जानते हैं कि आखिर क्यों ऐसा कहा जा रहा है:
 
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वायरस - फोटो : Social media
इसके फैलने का एक कारण यह है कि ठंड में ज्यादा संख्या में लोग एक स्थान पर रहते हैं, जिससे यदि कोई भी व्यक्ति इस वायरस की चपेट में आता है तो यह बड़े पैमाने पर फैलने लगता है। खासकर खांसते या छींकते हुए यह और तेजी से फैलता है। दरअसल, सर्दियों में सर्दी, खांसी, जुकाम आम होती है। ऐसे में विषाणु आराम से फैलने लगते हैं। विशेषज्ञ बताते हैं कि COVID-19 यानी कोरोनावायरस के प्रसार के लिए ठंड का मौसम या कम तापमान अनुकूल होता है। 
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अक्सर हम देखते हैं कि सर्दी के मौसम में सीजनल फ्लू और कोल्ड वायरस बड़े पैमाने पर फैलता है और जैसे ही गर्मी का मौसम आता है, वायरस अपने आप ही खत्म हो जाते हैं। पेंसिल्वेनिया स्टेट यूनिवर्सिटी के सेंटर फॉर इन्फेक्शियस डिजीज डायनेमिक्स की निदेशक एलिजाबेथ  मैकग्रा के अनुसार कोरोना सर्दियों से जुड़ा वायरस है जो कि कम तापमान में ज्यादा फैलता है। 

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(File photo) - फोटो : PTI
फोर्टिस अस्पताल के डिपार्टमेंट ऑफ पल्मोनोलॉजी एंड स्लीप डिसऑर्डर के निदेशक विकास मौर्या और अन्य स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक गर्मी में कोरोनावायरस के प्रसार में रोक लगेगी। जिन इलाकों में तापमान कम था या सर्दी का मौसम था, वहीं कोरोनावायरस का ज्यादा असर देखा गया। वैज्ञानिक काफी पहले से इस बात का दावा करते आ रहे हैं कि गर्मी आते ही इस बीमारी में कमी आएगी और गर्मी बढ़ने पर कोरोनावायरस खत्म हो जाएगा। 
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चीन के वुहान से फैला कोरोनावायरस(File photo) - फोटो : PTI
विकास मौर्या के मुताबिक कोरोनोवायरस एक जंगली जानवर से आया हुआ संक्रामक है, जो सर्दियों में होता है और सांस से जुड़ा हुआ है। हमें एक साल में कम से कम दो बार एक वायरल संक्रमण होता है। अंतर यह है कि कोरोनावायरस का यह स्ट्रेन एक प्रतिरोधी स्ट्रेन है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि गर्मियों तक इस स्ट्रेन में कमी आएगी।
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कोरोनावायरस - फोटो : PIB
डॉयचे वेले में प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, गर्म वातावरण में अपने आप को बचाए रखना विषाणुओं के लिए चुनौती होती है। विषाणुओं पर काम करने वाले वैज्ञानिक थॉमस पीट्समन के मुताबिक कोरोना वायरस बाहरी ओर से चर्बी की परत से घिरा हुआ है। उसकी इस परत के पास गर्मी को झेलने की शक्ति नहीं होती है। जैसे ही तापमान बढ़ने लगता है, वायरस आसानी से खत्म हो जाता है। प्रोटीन और जेनेटिक मेटेरियल से बनी चर्बी की परत वाले कुछ वायरस गर्मी में भ्ज्ञी खुद को जीवित रख सकते हैं, लेकिन कोरोना के लिए यह मुश्किल है। 
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कोरोना वायरस - फोटो : एएनआई
वैज्ञानिक पीट्समन ने बताया कि अन्य जीवाणुओं के लिए तापमान बस एक अधीनस्थ भूमिका निभाता है। उदाहरण के तौर पर डेंगू वायरस मुख्यत: उष्ण क्षेत्रों में ही पाया जाता है। गर्म वातावरण पसंद करने वाले रोगाणुओं के साथ करने के लिए कुछ ज्यादा नहीं होता क्योंकि इन मामलों में रोगाणुओं के फैलने में तापमान महत्वपूर्ण भूमिका नही निभाता। उन्होंने यह भी बताया कि उमस भी रेसपायरेटोरी वायरस के फैलने मेें योगदान देती है। छींक के बाद रेसपायरेटोर वायरस हवा में आने के बाद लंबे समय तक तैरते रहते हैं।
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कोरोना वायरस - फोटो : सोशल मीडिया
वैज्ञानिकों के मुताबिक इस वायरस का आकार 400 से 500 माइक्रोमीटर का होता है। कोरोना वायरस मेटल सरफेस पर 12 घंटे तक जिंदा रह सकता है। वहीं फेब्रिक या कपड़े पर यह 9 घंटे तक जिंदा रह सकता है, जबकि व्यकत्इ के शरीर पर 10 मिनट से ज्यादा देर तक जिंदा नहीं रह सकता है। डॉक्टर शरीर का तापमान भी मेंटेन रखने और शरीर की इम्यूनिटी बनाए रखने की सलाह दे रहे हैं। 

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