डेंगू-मलेरिया का खतरा
- फोटो : Freepik.com
स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, मलेरिया के खतरों को लेकर सभी लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए। समय रहते अगर मलेरिया का इलाज न हो पाए तो इसका असर दिमाग, किडनी, लिवर, फेफड़ों और खून पर भी पड़ सकता है। बच्चों, गर्भवती महिलाओं और कमजोर इम्युनिटी वाले लोगों में जटिलताओं का खतरा अधिक रहता है। इसलिए मलेरिया के लक्षण दिखने पर जांच और इलाज में देरी नहीं करनी चाहिए। आइए जानते हैं कि ये बीमारी किस तरह से पूरे शरीर के लिए खतरनाक हो सकती है?
किन अंगों पर मलेरिया का होता है असर?
स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, मलेरिया के ज्यादातर मामले वैसे तो सामान्य उपचार से ठीक हो जाते हैं, हालांकि अगर समय पर बीमारी की पहचान और इलाज न हो पाए तो मलेरिया कई बार गंभीर रूप ले सकता है।
- गंभीर मलेरिया में संक्रमित लाल रक्त कोशिकाएं दिमाग की छोटी रक्त वाहिकाओं में रक्त प्रवाह को प्रभावित कर सकती हैं। इससे सेरेब्रल मलेरिया हो सकता है। इसके कारण मरीजों को भ्रम, दौरे पड़ने या बेहोशी जैसी समस्याएं हो सकती हैं। ऐसे लक्षण दिखने पर तुरंत अस्पताल जाना जरूरी है।