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Alert: चलना-फिरना कम हुआ तो शरीर देगा जवाब, चुपचाप शरीर पर अटैक कर देंगी ये बीमारियां

Sun, 09 Aug 2026 08:05 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार दुनिया भर में लगभग 31% वयस्क 2022 में पर्याप्त शारीरिक गतिविधि नहीं कर रहे थे। पर्याप्त सक्रिय न रहने वाले लोगों में समय से पहले मृत्यु का जोखिम पर्याप्त सक्रिय लोगों की तुलना में लगभग 20-30% अधिक पाया गया है। 
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लंबे समय तक बैठने के नुकसान - फोटो : Amarujala.com/AI
क्या आपका भी पूरा दिन ऑफिस की कुर्सी या घर में बैठ-बैठे बीत जाता है? दिनभर में शायद ही आप कहीं कुछ मेहनत कर पाते हैं? अगर हां तो सावधान हो जाइए, ये आपकी सेहत के लिए बड़ा खतरा हो सकता है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार साल 2022 में दुनियाभर में लगभग 31% वयस्क पर्याप्त शारीरिक गतिविधि नहीं कर रहे थे। शरीर के सक्रिय न रहने वाले लोगों में न सिर्फ दिल की बीमारी, डायबिटीज और कैंसर का खतरा हो सकता है, बल्कि ये समय से पहले मृत्यु का जोखिमों को लगभग 20-30% तक बढ़ा देती है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, शरीर को स्वस्थ और फिट रखने के लिए जरूरी नहीं है कि आप रोजाना जिम जाएं। वॉकिंग, साइकिलिंग, सीढ़ियां चढ़ने जैसे अभ्यास भी सेहत को बहुत लाभ दे सकते हैं। डब्ल्यूएचओ सभी वयस्कों के लिए सप्ताह में कम से कम 150-300 मिनट की शारीरिक गतिविधि या व्यायाम करने की सलाह देता है।

आइए जान लेते हैं कि बैठे-बैठे पूरा दिन बिताने से सेहत पर क्या असर हो सकता है?
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नियमित शारीरिक व्यायाम जरूरी - फोटो : Adobe Stock
नियमित व्यायाम और शारीरिक गतिविधि जरूरी

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, शारीरिक रूप से सक्रिय रहने के लिए सबसे जरूरी है कि लगातार कई घंटों तक बैठे रहने की आदत छोड़ी जाए। काम के बीच थोड़ी वॉक या फिर लिफ्ट की जगह पर सीढ़ियों के इस्तेमाल से भी सेहत को लाभ हो सकता है। लंबे समय तक निष्क्रिय रहने और पर्याप्त शारीरिक गतिविधि न करने का सीधा असर हृदय पर पड़ता है। नियमित व्यायाम और शारीरिक गतिविधियां हृदय रोग सहित कई गैर-संचारी रोगों के जोखिमों को कम कर सकती है।
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डायबिटीज का खतरा - फोटो : Freepik.com
टाइप-2 डायबिटीज का खतरा 

शारीरिक गतिविधि कम होने से टाइप-2 डायबिटीज होने का खतरा हो सकता है।  नियमित व्यायाम की आदत शरीर को ग्लूकोज के इस्तेमाल और वजन को नियंत्रित रखने में मदद करती है। दूसरी तरफ लंबे समय तक निष्क्रिय रहने वाली दिनचर्या मोटापा और अन्य मेटाबॉलिक समस्याओं को बढ़ावा दे सकती है। डायबिटीज से बचाव में केवल चीनी कम करना ही पर्याप्त नहीं है, नियमित शारीरिक गतिविधि भी महत्वपूर्ण है।

मोटापे का खतरा

दिनभर कुर्सी पर बैठे-बैठे बीतने से शारीरिक गतिविधि कम होती है। जब शरीर कम ऊर्जा खर्च करता है और खानपान से मिलने वाली ऊर्जा ज्यादा होती है, तो लंबे समय में वजन बढ़ सकता है।  वजन बढ़न को हाई ब्लड प्रेशर, ग्लूकोज लेवल और मेटाबॉलिक समस्याओं का कारण माना जाता है। इसलिए वजन नियंत्रित रखने के लिए डाइट के साथ रोजमर्रा की गतिविधि भी जरूरी है। 
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ब्लड प्रेशर की समस्या - फोटो : Adobe Stock
इन जोखिमों को भी जानिए
 
  • शारीरिक रूप से कम मेहनत करना हाई ब्लड प्रेशर सहित का कारण बन सकता है। लंबे समय तक अनियंत्रित हाई ब्लड प्रेशर हृदय और रक्त वाहिकाओं पर दबाव डालता है और हार्ट अटैक का कारण बन सकता है।
  • व्यायाम का फायदा सिर्फ शरीर तक सीमित नहीं है, ये मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी है। शारीरिक तौर पर कम मेहनत करने से स्ट्रेस, एंग्जाइटी और डिप्रेशन जैसी समस्याओं का जोखिम काफी अधिक हो सकता है।


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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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