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सेहत की बात: बीमारी कहीं और पर दर्द कहीं और, शरीर के इन संकेतों को समझना जरूरी

Sat, 10 Oct 2026 05:19 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

शरीर में दर्द की जगह और उसकी असली वजह अलग-अलग हो सकती हैं। दिल की समस्या में जबड़े या बांह में, पित्ताशय की परेशानी में पीठ तक और नस दबने पर हाथ-पैर में दर्द फैल सकता है। दर्द के साथ दिखने वाले दूसरे लक्षणों पर भी गंभीरता से ध्यान देते रहना जरूरी है।
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शरीर में दर्द की समस्या - फोटो : Amarujala.com/AI
काम की थकान, ज्यादा शारीरिक मेहनत या फिर वायरल संक्रमण जैसी बीमारियों के कारण शरीर में दर्द होना आम है। आमतौर पर दर्द की समस्या अपने आप या फिर हल्की-फुल्की दवाओं और घरेलू उपायों से ठीक हो जाती है। पर अगर आपको लगातार दर्द की दिक्कत बनी रहती है तो इसपर गंभीरता से ध्यान देना जरूरी है। कई बार सामान्य सा लगने वाला दर्द असल में किसी बड़ी समस्या का संकेत हो सकता है।

कई बार शरीर में होने वाले दर्द की असली वजह उस जगह नहीं होती, जहां दर्द महसूस हो रहा होता है। इसलिए लगातार बने रहने वाले दर्द की दिक्कतों को अनदेखा नहीं करना चाहिए।  बीमारी शरीर में कहीं और हो, पर दर्द कहीं और भी हो सकता है। शरीर के इन संकेतों को समझना और उसके अनुसार उपाय करना जरूरी माना जाता है।

आइए जानते हैं कि किसी दूसरी जगह का दर्द कहीं और क्यों महसूस होता है?
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क्या आप भी दर्द से रहते हैं परेशान? - फोटो : Freepik.com
शरीर में दर्द पर गंभीरता से दें ध्यान

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, शरीर में लगातार रहने वाले दर्द पर गंभीरता से ध्यान देना जरूरी है।
 
  • दिल से जुड़ी किसी समस्या में सीने के अलावा जबड़े, कंधे, पीठ या बांह में भी दर्द हो सकता है। 
  • इसी तरह पित्ताशय में पथरी होने पर दर्द पेट के ऊपरी हिस्से से पीठ या दाएं कंधे तक महसूस हो सकता है। 
  • नसों से जुड़ी कुछ समस्याओं में भी दर्द उस हिस्से में भी महसूस होता है, जहां समस्या सीधे तौर पर मौजूद नहीं होती। शरीर की नसें अलग-अलग अंगों से मिलने वाले संकेतों को दिमाग तक पहुंचाती हैं यही कारण है कि क्रॉनिक दर्द पर ध्यान देना जरूरी है।
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कंधों में होने वाली दर्द की समस्या - फोटो : Adobe
हार्ट समस्या में जबड़े, कंधे या हाथों में दर्द

दिल तक खून पहुंचाने वाली धमनियों में रुकावट होने पर दिल की मांसपेशियों को पर्याप्त खून और ऑक्सीजन नहीं मिल पाती। इससे सीने में दबाव, जकड़न, भारीपन या दर्द महसूस हो सकता है।  दिल से जुड़ा दर्द हमेशा सीने तक सीमित नहीं रहता। कुछ लोगों में यह एक या दोनों हाथों, कंधों, गर्दन या जबड़े तक भी फैल सकता है।
 
  • दिल का दौरा पड़ने के दौरान भी ऐसी दिक्कतें हो सकती हैं। 
  • अगर जबड़े, बांह या सीने में अचानक दर्द हो और साथ में सांस लेने में परेशानी या बेचैनी हो, तो इसमें तुरंत डॉक्टरी सलाह लेना जरूरी है।

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गॉलब्लैडर स्टोन की समस्या - फोटो : Freepik.com
गॉलब्लैडर स्टोन में होने वाला दर्द

गॉलब्लैडर लिवर के नीचे मौजूद एक छोटी थैली होती है, जिसमें पित्त जमा रहता है। यह पाचन में मदद करता है। जब पित्ताशय में पथरी बन जाती है और पित्त के बहाव में रुकावट हो सकती है। इससे पेट के ऊपरी दाएं हिस्से में दर्द हो सकता है। कई बार यह दर्द पीठ या दाएं कंधे के नीचे भी महसूस होता है।
 
  • भारी या ज्यादा वसा वाला भोजन करने के बाद ये दिक्कतें ज्यादा महसूस होती हैं। 
  • अगर दर्द लगातार बना रहे, बुखार आए, उल्टी हो या आंखों और त्वचा में पीलापन दिखाई दे तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
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हाथों में झनझनाहट की समस्या - फोटो : Adobe Stock
नसों के दर्द की समस्या

गर्दन या कमर में मौजूद नसों पर दबाव पड़ने से शरीर के किसी दूसरे हिस्से तक दर्द  फैल जाता है। 
 
  • कमर की नस दबने पर दर्द कमर से होते हुए पैर तक जा सकता है। इसे आमतौर पर साइटिका से जुड़ा दर्द माना जाता है। 
  • इसी तरह गर्दन की नस प्रभावित होने पर कंधे, बांह या उंगलियों में दर्द, झनझनाहट और सुन्नपन महसूस हो सकता है।
  • अगर हाथ-पैर में कमजोरी बढ़ रही हो, चलने में परेशानी हो या पेशाब-शौच पर नियंत्रण न रह जाए तो तुरंत डॉक्टरी सलाह लें।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, हर बार दर्द होने का मतलब कोई बीमारी नहीं होतू। इसलिए दर्द के साथ शरीर में होने वाली दूसरी दिक्कतों पर भी ध्यान देना जरूरी है। अचानक और तेज दर्द, सांस फूलने, बेहोशी, तेज बुखार की दिक्कत हो तो तुरंत डॉक्टरी मदद लें।



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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