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सेहत की बात: बार-बार आईवीएफ फेल होने के क्या कारण होते हैं? ये चीजें बिगाड़ सकती हैं सारी मेहनत

Fri, 23 Oct 2026 06:11 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

IVF Failure Reasons: बार-बार आईवीएफ के असफल होने के पीछे भ्रूण की क्रोमोसोम संबंधी गड़बड़ी, महिला की उम्र, गर्भाशय की समस्याएं और कुछ अन्य स्वास्थ्य स्थितियां हो सकती हैं। डॉक्टर जरूरत के अनुसार अल्ट्रासाउंड, हार्मोन टेस्ट, सीमेन एनालिसिस रिपोर्ट देखते हैं।
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आईवीएफ के बारे में जानिए - फोटो : Amarujala.com/AI
इनफर्टिलिटी वैश्विक स्तर पर गंभीर समस्या है, जिसके मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की रिपोर्ट बताती है कि दुनियाभर में हर 6 में से एक व्यक्ति इस समस्या का शिकार है। मसलन करीब 17.5% वयस्क आबादी बांझपन का सामना कर रही है। मेडिकल रिपोर्ट्स से पता चलता है कि लाइफस्टाइल और खान-पान से लेकर कई अन्य स्वास्थ्य स्थितियां प्रजनन स्वास्थ्य को प्रभावित करने वाली हो सकती हैं।

अमर उजाला में प्रकाशित एक रिपोर्ट में हमने बताया कि स्कूल के दिनों में बढ़ा हुआ वजन या मोटापा भी लड़कियों की प्रजनन क्षमता (फर्टिलिटी) को नुकसान पहुंचा सकता है और भविष्य में मां बनने की संभावना को काफी कम कर सकता है।

जिन कपल्स को गर्भधारण नहीं हो पा रहा है उनके लिए इन विट्रो फर्टिलाइजेशन (आईवीएफ) वरदान साबित हो रही है। हालांकि हर बार आपको आईवीएफ से सफलता मिल जाए ये भी जरूरी नहीं है। विशेषज्ञों का कहना है कि आईवीएफ कोई चमत्कार नहीं बल्कि एक वैज्ञानिक चिकित्सा प्रक्रिया है, जिसकी सफलता व्यक्ति की उम्र, स्वास्थ्य, अंडाणु और शुक्राणु की गुणवत्ता तथा बांझपन के कारण पर निर्भर करती है।
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आईवीएफ कब होता है सफल - फोटो : Amarujala.com/AI
गर्भधारण में कठिनाई और आईवीएफ

आपने भी अपने जानने वालों में कई ऐसे मामले देखे होंगे जहां आईवीएफ कराने के बाद भी गर्भधारण में कठिनाई हो रही होती है। कई लोगों में बार-बार आईवीएफ फेल हो जाता है। आखिर इसके क्या कारण होते हैं?

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, माता-पिता बनने का सपना जब आईवीएफ के बावजूद पूरा नहीं हो पाता, तो निराशा होना स्वाभाविक है। बार-बार आईवीएफ के असफल होने के पीछे अंडों और स्पर्म की गुणवत्ता, भ्रूण का विकास, गर्भाशय की स्थिति और महिला की उम्र जैसे कई कारण हो सकते हैं। आइए इस बारे में जान लेते हैं।
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आईवीएफ की सफलता - फोटो : Adobe Stock
बार-बार आईवीएफ फेल होने के कारण

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, आईवीएफ गर्भधारण की 100 प्रतिशत गारंटी नहीं देता है। ये प्रक्रिया कितनी सफल होगी इसमें कई चीजों का ध्यान रखना जरूरी है। 

अंडों-स्पर्म और भ्रूण की गुणवत्ता
 
  • महिला की उम्र बढ़ने के साथ अंडों की गुणवत्ता प्रभावित होने लगती है। वहीं, पुरुषों में स्पर्म की संख्या, गतिशीलता और आकार से जुड़ी समस्याएं प्रजनन क्षमता पर असर डाल सकती हैं। भ्रूण में क्रोमोसोम संबंधी गड़बड़ी भी आईवीएफ के सफल प्रत्यारोपण की संभावनाओं को कम कर सकती है।

गर्भाशय और हार्मोन संबंधी समस्याएं
 
  • गर्भाशय में फाइब्रॉइड, पॉलिप या एडेनोमायोसिस जैसी स्थितियां कुछ मामलों में आईवीएफ की सफलता को प्रभावित कर सकती हैं। इसके अलावा, थायरॉइड की गड़बड़ी और अनियंत्रित डायबिटीज भी गर्भधारण को प्रभावित कर सकती हैं।
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आईवीएफ की जरूरी बातें - फोटो : Adobe Stock
उम्र और जीवनशैली भी करता है मैटर

महिला की उम्र, मोटापा, धूम्रपान-शराब जैसी आदतें भी प्रजनन क्षमता पर असर डाल सकती हैं। अंडों के विकास के लिए दी गई दवाओं के प्रति शरीर की प्रतिक्रिया और भ्रूण ट्रांसफर से जुड़ी परिस्थितियां भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। कई बार जांच के बावजूद असफलता का स्पष्ट कारण नहीं मिलता।


किन बातों का रखें ध्यान?

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, अगर आपका पहला आईवीएफ सफल नहीं हो पाया है तो अगला चक्र शुरू करने से पहले विशेषज्ञ से जांच कराएं। भ्रूण के विकास, गर्भाशय की स्थिति और इलाज में संभावित बदलावों के बारे में सलाह लें। यहां ध्यान देना जरूरी है कि आईवीएफ की असफलता के लिए केवल महिला को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। महिला और पुरुष, दोनों की जांच जरूरी है।


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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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