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लंग्स हेल्थ: अस्थमा और ब्रोंकाइटिस के लक्षण होते हैं एक जैसे, फिर कैसे पहचानें दोनों में अंतर?

Fri, 23 Oct 2026 11:30 AM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

अस्थमा और ब्रोंकाइटिस दोनों श्वसन संबंधी बीमारियां हैं, जिनमें खांसी, सांस लेने में परेशानी और सीने में जकड़न जैसे लक्षण हो सकते हैं। अस्थमा में वायुमार्ग में सूजन और संकुचन होता है, जबकि ब्रोंकाइटिस में श्वसन नलियों में सूजन होती है।
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अस्थमा और ब्रोंकाइटिस - फोटो : Amarujala.com/AI
श्वसन रोगों का पूरे शरीर पर दुष्प्रभाव होता है। सांसों के रोग, क्वालिटी ऑफ लाइफ को भी प्रभावित करने वाले माने जाते हैं। अगर इनपर ध्यान न दिया जाए तो इसके कारण गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के बढ़ने का खतरा हो सकता है। अस्थमा और ब्रोंकाइटिस, सांसों को प्रभावित करने वाली ऐसी ही समस्याएं हैं। इनके ज्यादातर लक्षण भले ही एक जैसे हों पर इनके कारण और श्वसन तंत्र को प्रभावित करने की जटिलताएं भिन्न होती हैं। 

अस्थमा और ब्रोंकाइटिस दोनों स्थितियां सांस लेने में कठिनाई का कारण बनती हैं। इनके कुछ लक्षण समान हो सकते हैं, पर कारण और उपचार के मामले में अस्थमा और ब्रोंकाइटिस के बीच अंतर है। यही कारण है कि डॉक्टर, समस्या के सही निदान और समय पर इलाज की सलाह देते हैं।

आइए जानते हैं कि इन दोनों सांस के रोगों में किस प्रकार से अंतर किया जा सकता है?
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अस्थमा-ब्रोंकाइटिस की समस्या - फोटो : Freepik.com
अस्थमा और ब्रोंकाइटिस का जोखिम

स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, अस्थमा रोगियों में ब्रोंकाइटिस के प्रति अधिक संवेदनशील हो सकती है। कई मामलों में आपको अस्थमा और क्रोनिक ब्रोंकाइटिस एक ही समय में भी हो सकते हैं, इसे क्रोनिक अस्थमाटिक ब्रोंकाइटिस के रूप में जाना जाता है। हालांकि दोनों समस्याओं के कारण भिन्न होते हैं।

यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि यदि आपको अस्थमा है या फिर ब्रोंकाइटिस होने का खतरा है, तो आपको लक्षण पैदा करने वाले कारकों के प्रति सचेत रहना चाहिए। 
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अस्थमा की समस्याएं - फोटो : Freepik.com
अस्थमा के लक्षणों के बारे में जानिए

सर्दी और फ्लू के बार-बार होने वाले संक्रमण के कारण अस्थमा हो सकता है, इसके अलावा  पराग, धूल के कण, जानवरों के फर या पंख के संपर्क में आने से इसके ट्रिगर होने का जोखिम बढ़ जाता है। इस स्थिति में आपको सांस लेने में कठिनाई, खांसी होना, सांस छोड़ते समय सीटी की आवाज या घरघराहट होने का दिक्कत हो सकती है।
  • आपको सुबह या रात में लक्षणों के गंभीर होने की समस्या हो सकती है। इसके अलावा तीव्रता वाले व्यायाम या सिगरेट के धुएं से भी इसके ट्रिगर होने का जोखिम हो सकता है।


ब्रोंकाइटिस के लक्षण

ब्रोंकाइटिस, वायरस या बैक्टीरिया से संक्रमण के कारण हो सकता है, हालांकि वायरल ब्रोंकाइटिस बहुत अधिक आम है। ज्यादातर मामलों में, ब्रोंकाइटिस उन्हीं वायरस के कारण होता है जो सामान्य सर्दी या फ्लू का कारण बनते हैं। इस रोग में खांसी के साथ हरे, सफेद या पीले रंग का बलगम आ सकता है। इसके अलावा सीने में जकड़न और दर्द, सिरदर्द- ठंड लगने की समस्या भी होती है।
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सांस की समस्या - फोटो : Freepik.com
अस्थमा और ब्रोंकाइटिस में कैसे अंतर करें?

ब्रोंकियोलाइटिस और अस्थमा के लक्षण और संकेत एक समान हो सकते हैं, यही कारण है कि कई बार आपमें अस्थमा की समस्या होने के बाद भी ब्रोंकाइटिस का गलत निदान किया जा सकता है। डॉक्टरों का मानना है कि अस्थमा आनुवंशिकी और पर्यावरणीय कारकों के संयोजन के कारण होता है। धुआं और प्रदूषण वाली चीजें इसको ट्रिगर कर सकती हैं। वहीं ब्रोंकाइटिस वायरल या जीवाणु संक्रमण के कारण होता है और यह एक अल्पकालिक बीमारी है।



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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