Causes of Snoring In Winter: अक्सर ये देखने को मिलता है कि सर्दियों में खर्राटों की समस्या बढ़ जाती है।
एक स्टडी के मुताबिक भीषण ठंड में लोग इंटरनेट पर खर्राटे के बारे खूब सर्च करते हैं। सर्दियों की रातों में खर्राटों की आवाज बढ़ना महज एक इत्तेफाक नहीं, बल्कि इसके पीछे कुछ पर्यावरणीय कारण हैं। जैसे ही तापमान गिरता है, हवा शुष्क हो जाती है, जो हमारे श्वसन मार्ग की संवेदनशील झिल्ली को प्रभावित करती है।
शुष्क हवा के कारण नाक के मार्ग में सूजन आ जाती है और कफ गाढ़ा होने लगता है, जिससे सांस लेने का रास्ता संकरा हो जाता है। जब हवा इस संकरे रास्ते से जोर लगाती है, तो गले के ऊतकों में कंपन होता है, जिसे हम 'खर्राटे' कहते हैं। इसके अलावा, ठंड में हम अक्सर बंद कमरों में सोते हैं जहां वेंटिलेशन कम होता है, और रजाई या भारी कंबलों के दबाव से छाती का विस्तार कम हो पाता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार सर्दियों में बढ़ते खर्राटे 'ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया' का शुरुआती संकेत हो सकते हैं। अगर खर्राटों के साथ आपकी नींद बार-बार खुलती है या सुबह उठने पर सिर में भारीपन महसूस होता है, तो इसे नजरअंदाज करना हृदय और ब्लड प्रेशर के लिए खतरनाक साबित हो सकता है।