दो साल से अधिक समय से पूरी दुनिया कोरोना संक्रमण की चपेट में है। वैश्विक स्तर पर मौजूदा समय में वैसे तो संक्रमण की रफ्तार कम है, हालांकि कुछ देशों में स्थिति अभी भी चिंताकारक बनी हुई है। हालिया रिपोर्ट में चीन में संक्रमण की दर में एक बार फिर से उछाल देखा गया है, इसके चलते चांगचुन शहर के औद्योगिक केंद्र में लॉकडाउन लगाया गया है। यहां कोरोना मामलों में आई इस तेजी की वजह ओमिक्रॉन वैरिएंट को माना जा रहा है। वहीं एक अऩ्य रिपोर्ट में यूरोपीय देशों में डेल्टा और ओमाइक्रोन वैरिएंट के संयोजन 'डेल्टाक्रॉन' ने लोगों की समस्याओं को बढ़ा दिया है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने अपनी हालिया रिपोर्ट में बताया कि फ्रांस, नीदरलैंड और डेनमार्क जैसे देशों ने डेल्टाक्रॉन के मामलों को लेकर सूचना दी है। कोरोना के एक सबसे संक्रामक और एक सबसे घातक माने जा रहे वैरिएंट का संयोजन, लोगों में गंभीर समस्याओं का कारण बन सकता है। डब्ल्यूएचओ के वैज्ञानिकों का कहना है कि जिन देशों में फिलहाल संक्रमण का रफ्तार कम है उन्हें किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए। कोरोना के कई वैरिएंट्स को अब भी सक्रिय पाया जा रहा है। आइए आगे की स्लाइडों में डेल्टाक्रॉन के संभावित खतरे के बारे में जानते हैं।