न्यूरोलॉजिकल बीमारियों का खतरा
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तंत्रिका तंत बीमारियों की मुख्य वजह
विशेषज्ञ दुनियाभर में बढ़ती न्यूरोलॉजिकल बीमारियों की मुख्य वजह आधुनिक जीवनशैली, पर्यावरणीय प्रदूषण और उम्रदराज होती आबादी का परिणाम मानते हैं। जैसे-जैसे औसत जीवन प्रत्याशा बढ़ी है, वैसे-वैसे अल्जाइमर, पार्किंसन, डिमेंशिया और स्ट्रोक जैसी बीमारियों का जोखिम भी कई गुना बढ़ गया है।
डब्ल्यूएचओ के अनुसार वर्ष 2050 तक 60 वर्ष से अधिक आयु के लोगों की संख्या 2.1 अरब हो जाएगी, जिससे वैश्विक रोग-भार स्वतः बढ़ेगा।
दूसरी ओर निरंतर तनाव, नींद की कमी, असंतुलित खानपान और अत्यधिक स्क्रीन टाइम ने कॉर्टिसोल हार्मोन के स्तर को बढ़ाकर मस्तिष्क के हिप्पोकैम्पस (स्मृति केंद्र) को कमजोर किया है, जो सोचने-निर्णय लेने की क्षमता को नियंत्रित करता है।