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शोध में खुलासा: पुरुषों से ज्यादा महिलाओं में होती है एंग्जाइटी और डिप्रेशन की समस्या, जानें कारण और समाधान

Wed, 03 Sep 2025 04:20 PM IST
शिखर बरनवाल हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • विश्व स्वास्थ्य संगठन ने बीते मंगलवार को एक रिपोर्ट जारी की है, जिसमें दुनिया भर में मानसिक स्वास्थ्य की स्थिति पर कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं।
  • इस रिपोर्ट के अनुसार, पुरुषों की तुलना में महिलाओं को मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं का ज्यादा सामना करना पड़ता है।
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माहिलाएं मानसिक तनाव से अधिक परेशान - फोटो : Freepik
Mental Health Disorders in Women: विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्लूएचओ) की हाल ही में जारी की गई रिपोर्ट ने एक चौंकाने वाला सच सामने आया है। इस रिपोर्ट के मुताबिक मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं का बोझ महिलाओं पर असमान रूप से ज्यादा है। जहां दुनिया भर में एक अरब से अधिक लोग इन समस्याओं से जूझ रहे हैं, वहीं चिंता और अवसाद जैसी स्थितियां पुरुषों की तुलना में महिलाओं को अधिक प्रभावित कर रही हैं।

सदियों से महिलाओं को एक मजबूत स्तंभ के रूप में देखा गया है, जो घर और बाहर की जिम्मेदारियों को निभाती हैं, लेकिन इस प्रक्रिया में उनके मानसिक स्वास्थ्य को अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है। तनाव, सामाजिक दबाव, हार्मोनल बदलाव और पारिवारिक जिम्मेदारियां जैसे कई कारण उन्हें मानसिक बीमारियों के प्रति ज्यादा संवेदनशील बनाते हैं। इस गंभीर स्थिति को समझना और इसके कारणों, लक्षणों और समाधानों पर ध्यान देना आज की सबसे बड़ी जरूरतों में से एक है। इसलिए आइए इस लेख में महिलाओं के मानसिक स्वास्थ्य के कारणों, लक्षणों और समाधान के बारे में विस्तार से जानते हैं।
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मानसिक तनाव - फोटो : Freepik.com
सामाजिक और शारीरिक संरचना एक कारण
महिलाओं में मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं की बढ़ती दर के पीछे कई कारण हैं। सामाजिक दबाव, भेदभाव और आर्थिक असमानता एक बड़ा कारण है। महिलाओं को अक्सर घर के अंदर और बाहर दोनों जगह की जिम्मेदारियां निभानी पड़ती हैं, जिससे उन पर अत्यधिक दबाव पड़ता है।

इसके अलावा, महिलाओं की शारीरिक संरचना भी महत्वपूर्ण भूमिका होती है, जैसे कि हार्मोनल बदलाव। गर्भावस्था, प्रसव, मासिक धर्म और मेनोपॉज जैसे जीवन के अलग-अलग चरणों में होने वाले हार्मोनल परिवर्तन उनके मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित करते हैं, जिससे अवसाद और एंग्जाइटी का खतरा बढ़ जाता है।

 
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तनाव, स्ट्रेस - फोटो : Freepik.com
लक्षण और पहचान
मानसिक स्वास्थ्य के लक्षण कई तरह के हो सकते हैं और इन्हें समझना बहुत जरूरी है। लगातार उदास रहना, रुचि खो देना, चिड़चिड़ापन, नींद में बदलाव (बहुत अधिक सोना या नींद न आना) और थकान महसूस होना कुछ आम लक्षण हैं। शारीरिक लक्षण जैसे सिरदर्द और पाचन संबंधी समस्याएं भी इसके संकेत हो सकती हैं।

कई बार महिलाएं इन लक्षणों को सामान्य समझकर नजरअंदाज कर देती हैं, जिससे स्थिति गंभीर हो जाती है। समय पर इन संकेतों को पहचानना ही सबसे पहला और महत्वपूर्ण कदम है।

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तनाव, स्ट्रेस - फोटो : Freepik.com
क्या करें?
जब महिलाएं मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करती हैं, तो सबसे पहला और जरूरी कदम है इसके बारे में बात करें। समाज में मानसिक स्वास्थ्य को लेकर जो गलत धारणाएं और शर्म हैं, उन्हें तोड़ना बेहद जरूरी है। अपने परिवार और दोस्तों से खुलकर बात करें, क्योंकि उनका भावनात्मक सहारा बहुत मदद कर सकता है। अगर समस्या ज्यादा है, तो किसी प्रोफेशनल थेरेपिस्ट की मदद लें। थेरेपी एक सुरक्षित जगह है जहां आप बिना किसी डर के अपनी भावनाओं को व्यक्त कर सकती हैं। 
 
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मानसिक तनाव - फोटो : Freepik.com
इसके अलावा ऐसे सपोर्ट ग्रुप्स से जुड़ना भी बहुत फायदेमंद हो सकता है जहां आप उन लोगों से मिल सकती हैं जो आपकी जैसी स्थिति का सामना कर रहे हैं। साथ ही अपनी खुद की देखभाल पर भी ध्यान देना बहुत महत्वपूर्ण है। सुनिश्चित करें कि आप हर रात पर्याप्त नींद लें, क्योंकि नींद की कमी मानसिक स्वास्थ्य को बुरी तरह प्रभावित करती है। अपनी डाइट में संतुलित और पौष्टिक आहार शामिल करें, और नियमित रूप से व्यायाम करें। ये सभी आदतें न सिर्फ आपके शरीर को स्वस्थ रखती हैं, बल्कि आपके दिमाग को भी शांत और स्थिर बनाने में मदद करती हैं।

नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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