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Health Tips: आपको भी होती है सांस लेने में परेशानी? कहीं ये इन गंभीर बीमारियों का लक्षण तो नहीं

Wed, 03 Sep 2025 01:33 PM IST
शिखर बरनवाल हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Breathing Problem Signs: अगर आपको सांस लेने में परेशानी हो रही है तो आपको ये लेख जरूर पढ़ना चाहिए। आइए इस लेख में इसी के बारे में जानते हैं कि सांस लेने में तकलीफ होने की समस्या किन बीमारियों का संकेत हो सकता है।
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सांस की समस्या - फोटो : Adobe Stock
Difficulty Breathing Medical Advice: सांस लेना एक ऐसी प्रक्रिया है जो निरंतर चलती रहती है, जिस पर हम सामान्यतः ध्यान भी नहीं देते, जब तक कि हमें कोई परेशानी न हो। सांस लेने में कभी-कभी हल्की परेशानी होना या किसी वर्कआउट के बाद सांस फूलना एक सामान्य बात है। लेकिन अगर यह समस्या बिना किसी वजह के हो या बार-बार हो, तो यह एक गंभीर चेतावनी हो सकती है। सांस लेने में परेशानी, जिसे डिस्पनिया भी कहते हैं, कई बीमारियों का शुरुआती लक्षण हो सकता है। 

इस समस्या को अक्सर लोग थकान, तनाव या सामान्य स्वास्थ्य समस्याओं से जोड़कर नजरअंदाज कर देते हैं, जो एक बड़ी गलती साबित हो सकती है। सांस की तकलीफ कई बार फेफड़ों या दिल से जुड़ी बीमारियों का संकेत होती है, जिनकी समय पर पहचान करना बहुत जरूरी है। यह समस्या धीरे-धीरे शुरू हो सकती है और समय के साथ गंभीर रूप ले सकती है, इसलिए इसके लक्षणों को समझना और समय पर डॉक्टर से सलाह लेना बेहद जरूरी है। आइए इस लेख में इसी के बारे में जानते हैं कि सांस लेने में तकलीफ होने की समस्या किन बीमारियों का संकेत हो सकता है।
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सांस की समस्या - फोटो : Adobe Stock
हृदय रोग
सांस फूलने का एक बड़ा कारण हृदय रोग हो सकता है। जब दिल कमजोर हो जाता है और ठीक से पंप नहीं कर पाता, तो फेफड़ों में तरल पदार्थ जमा होने लगता है, जिससे सांस लेने में दिक्कत होती है। यह अक्सर कन्जेस्टिव हार्ट फेलियर जैसे रोगों का लक्षण होता है। दिल से जुड़ी समस्याओं के कारण सांस लेने में परेशानी अक्सर ज्यादा शारीरिक गतिविधि, या यहां तक कि सोते समय भी हो सकती है।

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सांस की समस्या - फोटो : Adobe Stock
फेफड़ों से जुड़ी बीमारियां
फेफड़े हमारे श्वसन तंत्र का मुख्य अंग हैं। अगर इनमें कोई समस्या हो, तो सांस लेना मुश्किल हो जाता है। अस्थमा, क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (सीओपीडी), या निमोनिया जैसी बीमारियां सांस फूलने का कारण बन सकती हैं। अस्थमा के मरीजों को अक्सर सांस लेने में सीटी जैसी आवाज सुनाई देती है, जबकि सीओपीडी में सांस की तकलीफ समय के साथ बढ़ती जाती है।

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मोटापा - फोटो : Adobe stock photos
मोटापा और तनाव
मोटापा भी सांस फूलने का एक प्रमुख कारण है। शरीर में ज्यादा फैट होने से फेफड़ों पर दबाव पड़ता है और सांस लेने की क्षमता कम हो जाती है। इसके अलावा, ज्यादा तनाव और एंग्जाइटी भी सांस लेने में तकलीफ पैदा कर सकते हैं। तनाव के दौरान सांस लेने की गति तेज हो जाती है, जिससे बेचैनी महसूस होती है।
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डॉक्टर - फोटो : Freepik
क्या करें?
अगर आपको बिना किसी स्पष्ट कारण के लगातार सांस लेने में परेशानी हो रही है, या इसके साथ छाती में दर्द, चक्कर आना, या पैरों में सूजन जैसे लक्षण भी दिखें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। यह एक आपातकालीन स्थिति हो सकती है। सही निदान और समय पर इलाज से गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से बचा जा सकता है। साथ ही अपनी जीवनशैली में सुधार लाना, नियमित व्यायाम और स्वस्थ आहार अपनाना भी इन बीमारियों के जोखिम को कम करने में मदद करता है।

स्रोत और संदर्भ
Shortness of breath

नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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