साल 2020-23 तक दुनिया ने कोरोना के खतरनाक दौर का सामना किया। इस दौरान करोड़ों लोग संक्रमण का शिकार हुए, बड़ी संख्या में लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी। कोरोना के दुष्प्रभाव यानी लॉन्ग कोविड का खतरा भी लंबे समय तक देखा गया। अब हालिया रिपोर्ट थोड़ी राहत देने वाली है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने हाल ही में नए वैश्विक स्वास्थ्य अनुमान जारी किए हैं, जिसमें बताया गया है कि कोविड के बाद अब दुनिया की सेहत में धीरे-धीरे बदलाव आ रहा है। हालांकि डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट ने स्वास्थ्य की एक ऐसी तस्वीर सामने रखी है, जिसमें राहत और चिंता दोनों साथ दिखाई देती हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक दुनिया में लोग अब पहले से ज्यादा लंबी जिंदगी जी रहे हैं। कोविड-19 महामारी ने दुनियाभर में लाइफ एक्सपेक्टेंसी को पीछे धकेल दिया था, लेकिन अब औसत जीवन प्रत्याशा फिर से महामारी से पहले के स्तर के करीब पहुंचती देखी जा रही है। 2023 में यह 73.3 साल रही। हालांकि, स्वस्थ जीवन जीने की अवधि अभी पूरी तरह वापस नहीं आई है।
सबसे बड़ा बदलाव बीमारियों की तस्वीर में दिख रहा है। कभी दुनिया में संक्रामक बीमारियां मौत की सबसे बड़ी वजहों में शामिल थीं, लेकिन अब डायबिटीज, दिल की बीमारी, डिमेंशिया, मानसिक स्वास्थ्य समस्याएं और नशीली दवाओं से जुड़ी बीमारियां तेजी से बड़ा बोझ बन रही हैं।
डब्ल्यूएचओ के 2000 से 2023 तक के आंकड़े बताते हैं कि दुनिया सिर्फ महामारी से उबर नहीं रही, बल्कि बीमारी का पूरा पैटर्न बदल रहा है। दिल की बीमारी अब भी सबसे बड़ा खतरा है, वहीं डिमेंशिया और मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं का बढ़ता बोझ आने वाले समय की बड़ी चुनौती बन सकता है।