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H5N1 Virus: बर्ड फ्लू से दुनिया में पहली मौत से मचा हड़कंप, इन लक्षणों को लेकर रहें सावधान

Thu, 06 Jun 2024 01:36 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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बर्ड फ्लू से मौत - फोटो : istock
New Pandemic Alert: कोरोना से भी खतरनाक माना जा रहा एच5एन1 वायरस (एवियन इन्फ्लूएंजा) कई देशों में तेजी से बढ़ता हुआ देखा जा रहा है। हालिया रिपोर्ट्स में अमेरिका के कई शहरों में इसके गायों और दूध के माध्यम से भी इंसानों में फैलने के मामले सामने आए थे। इसी महीने की शुरुआत में भारत में भी एच5एन1 वायरस के मामले बढ़ने को लेकर अलर्ट किया गया था। एच5एन1 वायरस को बर्ड फ्लू के नाम से भी जाना जाता है।

केंद्र सरकार ने इसी महीने की शुरुआत में एवियन इन्फ्लूएंजा को लेकर एडवाइजरी जारी करते हुए चार राज्यों आंध्र प्रदेश (नेल्लोर जिला), महाराष्ट्र (नागपुर जिला), झारखंड (रांची जिला) और केरल (अलपुझा, कोट्टायम और पथानामथिट्टा जिले) को विशेष सावधानी बरतते रहने की सलाह दी थी। अब विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने बर्ड फ्लू के कारण दुनिया में पहली मौत की सूचना दी है।

डब्ल्यूएचओ ने बुधवार (5 जून) को बताया कि मैक्सिको में 59 वर्षीय व्यक्ति की बर्ड फ्लू के एच5एन2 स्ट्रेन के कारण मौत हुई है। हालांकि, संयुक्त राष्ट्र एजेंसी ने यह नहीं बताया कि वह व्यक्ति कैसे संक्रमित हुआ था? रोगी को बुखार, सांस लेने में तकलीफ और दस्त जैसे लक्षणों के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उसे पहले से क्रोनिक किडनी फेलियर, मधुमेह और हाई ब्लड प्रेशर जैसी बीमारियां भी थीं।


ये भी पढ़ें- गायों के बाद अब पहली बार दूध में भी पाया गया 'जानलेवा वायरस'
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बर्ड फ्लू का खतरा - फोटो : istock
कोरोना से भी खतरनाक होता है ये संक्रमण

स्वास्थ्य संगठन ने कहा कि उन्हें पहली बार 23 मई को मामले के बारे में जानकारी मिली। यह कोरोनावायरस से 100 गुना अधिक खतरनाक संक्रमण हो सकता है।

यूएस सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी) ने एक रिपोर्ट में कहा, फिलहाल एच5एन1 वायरस के एक से दूसरे व्यक्ति में संक्रमण के मामले नहीं देखे गए हैं। हालांकि इसके लक्षण और संक्रमण के जोखिमों को लेकर सभी लोगों को निरंतर सावधानी बरतते रहने की आवश्यकता है। इस वायरस से संक्रमण की स्थिति में हल्के से लेकर गंभीर लक्षण हो सकते हैं। इससे मृत्युदर भी अधिक होने का जोखिम रहता है।
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भारत में संक्रमण को लेकर अलर्ट - फोटो : istock
भारत में भी जारी है अलर्ट

इसी महीने की शुरुआत में भारत सरकार ने देश में बर्ड फ्लू लेकर एक एडवाइजरी जारी करते हुए चार राज्यों को विशेष सावधानी बरतते रहने की सलाह दी थी। केंद्र सरकार ने कहा है कि सभी राज्य और केंद्र शासित प्रदेश (यूटी) पक्षियों या मुर्गियों में किसी भी असामान्य मृत्यु पर नजर रखें। इसके साथ ही सभी लोगों को इनके निकट संपर्क में आने से बचना जरूरी है। बर्ड फ्लू के अधिकतर लक्षण इंफ्लूएंजा की तरह ही दिखते हैं। इसकी समय रहते पहचान जरूरी है। 

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बर्ड फ्लू (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : एएनआई (फाइल)
दुनियाभर में बढ़ रहे हैं बर्ड फ्लू के दो स्ट्रेन

डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट के मुताबिक इन दिनों दुनियाभर में बर्ड फ्लू के दो स्ट्रेनों (एच5एन1 और एच5एन2) को तेजी से बढ़ता देखा जा रहा है। मैक्सिको में मृत पाए गए व्यक्ति की मौत एच5एन2 स्ट्रेन से संक्रमण के कारण हुई है। मैक्सिको सरकार द्वारा साझा की गई जानकारियों के मुताबिक पिछले कुछ महीनों में कई शहरों में पोल्ट्री में एच5एन2 के कारण संक्रमण के मामले रिपोर्ट किए गए थे।

वहीं अमेरिका में बर्ड फ्लू के अन्य संक्रमण एच5एन1 के कारण गायों और दूध के माध्यम से भी इंसानों में संक्रमण की पुष्टि की जा चुकी है। एच5एन1 से संक्रमित जानवर के शरीर के तरल पदार्थ, जैसे थूक (लार), छींकने-खांसने से निकलने वाले ड्रॉपलेट या मल के संपर्क में आने से इंसानों में ये संक्रमण हो सकता है।
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संक्रामक रोगों का खतरा - फोटो : istock
कैसे फैलता है संक्रमण, बचाव के लिए क्या करें?

बर्ड फ्लू  के एक व्यक्ति से दूसरे में फैलने का खतरा कम होता है। पक्षियों, जंगली जानवरों और पशुओं के निकट संपर्क में आने से बचने के उपाय, हाथों की स्वच्छता का ध्यान रखने और मास्क के माध्यम से इसके खतरे को कम किया जा सकता है। मुख्यरूप से मुर्गियों-पक्षियों के माध्यम से इसका खतरा अधिक होता है। हालांकि अमेरिका में गायों और कच्चे दूध के कारण भी संक्रमण का खतरा देखा गया है, जिसको लेकर सभी लोगों को सावधान किया गया है।


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स्रोत और संदर्भ
Avian Influenza A (H5N2) - Mexico


अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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