फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

महिलाओं की सेहत: पीरियड्स अनियमित हैं और चेहरे पर बढ़ रहे हैं बाल? कहीं पीएमओएस तो नहीं है इसका कारण

Fri, 23 Oct 2026 10:33 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

PMOS Symptoms: पीएमओएस, जिसे पहले पीसीओएस कहा जाता था महिलाओं में होने वाली हार्मोनल और मेटाबॉलिक समस्या है। अनियमित पीरियड्स, मुंहासे, अनचाहे बाल और गर्भधारण में परेशानी इसके लक्षण हो सकते हैं। इससे डायबिटीज और हृदय रोग का जोखिम भी बढ़ जाता है। 
विज्ञापन
1 of 5
पीएमओएस की समस्या - फोटो : Amarujala.com/AI
क्या आपके पीरियड्स भी समय पर नहीं आते? चेहरे पर बार-बार मुंहासे निकल गए हैं और चेहरे पर अनचाहे बाल या वजन बढ़ गया है? ये सभी समस्याएं ज्यादातर मामलों में हार्मोनल समस्याओं विशेषकर पॉलीएंडोक्राइन मेटाबॉलिक ओवेरियन सिंड्रोम (पीएमओएस) का संकेत हो सकती हैं। पीएमओएस को पहले पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (पीसीओएस) के नाम से जाना जाता था।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, खान-पान और दिनचर्या की गड़बड़ी के कारण महिलाओं में हार्मोनल समस्याएं अब काफी बढ़ गई हैं। हार्मोन्स में गड़बड़ी का असर सिर्फ पीरियड्स पर ही नहीं, बल्कि वजन, त्वचा, बालों और प्रजनन क्षमता पर भी पड़ सकता है।

आमतौर पर महिलाएं पीरियड्स में अनियमितता, चेहरे पर मुंहासे और अचानक वजन बढ़ने जैसी समस्याओं को सामान्य समझकर नजरअंदाज कर देती हैं, लेकिन अगर ये बदलाव लगातार दिखाई दे रहे हैं, तो इसपर गंभीरता से ध्यान देना जरूरी है। समय पर अगर पीएमओएस को ठीक करने के उपाय न किए जाएं तो इससे आगे चलकर प्रेग्नेंसी में भी दिक्कतें हो सकती हैं।
Trending Videos
विज्ञापन

2 of 5
महिलाओं की स्वास्थ्य समस्याएं - फोटो : Freepik.com
पीएमओएस की समस्या

स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, पीएमओएस हार्मोनल, मेटाबोलिक और प्रजनन संबंधी समस्याओं को संदर्भित करने वाली स्थिति है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के मुताबिक, दुनियाभर में प्रजनन उम्र की लगभग 10-13% महिलाओं को पीएमओएस की समस्या हो सकती है। सबसे बड़ी चिंता की बात ये है कि इनमें से करीब 70% महिलाओं को अपनी समस्या का पता ही नहीं होता।
 
  • स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, अगर पीएमओएस की समस्या पर समय रहते ध्यान देकर इलाज हो जाए तो इससे भविष्य की गंभीर समस्याओं को कम किया जा सकता है।
विज्ञापन

3 of 5
पीएमओएस की दिक्कत - फोटो : Freepik.com
पीएमओएस होता क्यों है?

मेडिकल रिपोर्ट्स से पता चलता है कि इस समस्या का सटीक कारण बहुत स्पष्ट नहीं है। हालांकि, हार्मोन में असंतुलन, इंसुलिन का ठीक से काम न करना और आनुवंशिकता की वजह से कई महिलाओं और किशोरियों में ये दिक्कतें हो सकती हैं। इंसुलिन रेजिस्टेंस होने पर शरीर को ब्लड शुगर को कंट्रोल करने में परेशानी हो सकती है, जिससे हार्मोनल असंतुलन बढ़ जाता है।
 
  • इतना ही नहीं समय पर देखभाल न होने पर पीएमओएस से टाइप-2 डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रॉल और हृदय रोग का जोखिम बढ़ सकता है। 
  • पीरियड्स लंबे समय तक नहीं आने पर गर्भाशय की अंदरूनी परत मोटी होने और एंडोमेट्रियल कैंसर का खतरा भी बढ़ सकता है। 
  • इसके अलावा, गर्भधारण में परेशानी और मानसिक तनाव भी हो सकता है। 

4 of 5
पीरियड्स अनियमित होने की समस्या - फोटो : Freepik.com
पीएमओएस की कैसे पहचान करें?

स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, सभी महिलाओं को कुछ लक्षणों पर लगातार ध्यान देते रहना चाहिए। अगर ये समस्याएं हैं तो तुरंत डॉक्टर की सलाह ले लें।
 
  • पीरियड्स का अनियमित होना या कई महीनों तक न आना।
  • चेहरे और शरीर पर अनचाहे बाल बढ़ना।
  • मुंहासे और सिर के बाल पतले होना।
  • वजन बढ़ना या वजन कम करने में परेशानी।
  • ओव्यूलेशन में दिक्कत और गर्भधारण करने में परेशानी।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
वजन कम करना जरूरी - फोटो : Adobe stock
पीएमओएस के खतरों को कैसे कम करें?

स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, लाइफस्टाइल और खान-पान में सुधार करके पीएमओएस के खतरों को कम किया जा सकता है।
 
  • संतुलित आहार लें। मीठे पेय व अत्यधिक प्रोसेस्ड फूड का सेवन कम करें।
  • नियमित वॉक, योग या अन्य शारीरिक गतिविधि करें।
  • पर्याप्त नींद जरूरी है। तनाव को कंट्रोल करने वाले तरीके अपनाएं।
  • पीरियड्स अनियमित हों तो डॉक्टर से सलाह लें।


--------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें