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जानना जरूरी: बार-बार हाथ धोते हैं या चेक करते रहते हैं गेट का लॉक? कहीं ये ओसीडी के लक्षण तो नहीं

Thu, 15 Oct 2026 03:24 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Bbsessive Compulsive Disorder: ओसीडी एक मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्या है, जिसमें अनचाहे विचार बार-बार आते हैं और लोग बेचैनी कम करने के लिए कुछ कामों को बार-बार दोहराते हैं।  सही समय पर विशेषज्ञों की मदद, थेरेपी और जरूरत के अनुसार दवाओं से लक्षणों को नियंत्रित किया जा सकता है।
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ओसीडी की समस्या - फोटो : Amarujala.com/AI
क्या आपके मन में बार-बार ऐसे विचार आते हैं, जिन्हें आप चाहकर भी रोक नहीं पाते? आपको बार-बार हाथ धोने, दरवाजा बंद है या नहीं यह चेक करने या चीजों को एक खास तरीके से व्यवस्थित करने को लेकर ख्याल आते रहते हैं? अगर इन आदतों के कारण आपका काफी समय बर्बाद हो रहा है और रोजमर्रा के काम प्रभावित होते हैं, तो यह ऑब्सेसिव-कंपल्सिव डिसऑर्डर यानी ओसीडी का संकेत हो सकता है।

ओसीडी एक मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्या है, जिसमें आपके मन में अनचाहे और बार-बार आने वाले विचार पैदा होते हैं। इन विचारों से होने वाली बेचैनी कम करने के लिए लोग कुछ कामों को बार-बार करने पर खुद को मजबूर पाते हैं। ओसीडी वैसे तो हल्के लक्षणों वाली होती है, कुछ आदतें आपको परेशान करने वाली हो सकती हैं पर रोजमर्रा के कामकाज प्रभावित नहीं होते। पर अगर ये आदतें आपके लिए मुश्किलें खड़ी करने लगें तो सावधान हो जाना चाहिए।

कहीं आप भी तो ओसीडी की समस्या से परेशान नहीं हैं?
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ओसीडी के कारण होने वाली दिक्कतें - फोटो : Freepil.com
मेंटल हेल्थ विशेषज्ञ कहते हैं, हर बार हाथ धोना या किसी चीज को दोबारा चेक करना ओसीडी नहीं है। हालांकि समस्या तब गंभीर हो सकती है, जब इन विचारों और व्यवहारों को खुद से कंट्रोल करना मुश्किल हो जाए। 

ओसीडी के बारे में समझिए 

ओसीडी यानी ऑब्सेसिव-कंपल्सिव डिसऑर्डर।
 
  • ऑब्सेशन यानी मन में बार-बार आने वाले अनचाहे, परेशान करने वाले विचार। जिन्हें आप रोकना तो चाहते हैं पर रोक नहीं पाते। 
  • कंपल्शन यानी किसी सोच या चिंता को शांत करने के लिए बार-बार किए जाने वाले काम। जैसे- बार-बार हाथ धोना, लॉक को चेक करना या चीजों को एक खास क्रम में रखना।
  • डिसऑर्डर यानी ऐसी स्थिति जो सामान्य जीवन, कामकाज और दिनचर्या में बाधा बनने लगे।
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बार-बार हाथ छोने की आदत - फोटो : Freepik.com
ओसीडी की पहचान क्या है?

मेडिकल रिपोर्ट्स से पता चलता है कि ओसीडी के लक्षण सभी लोगों में एक जैसे नहीं होते। इसमें कुछ तरह की दिक्कतें हो सकती हैं, जिसपर गंभीरता से ध्यान देते रहना जरूरी है।
 
  • बार-बार हाथ धोना या सफाई करते रहना।
  • दरवाजे का ताला, गैस या बिजली का स्विच बार-बार चेक करना।
  • चीजों को एक खास क्रम में रखने की जरूरत महसूस करना।
  • मन में अनचाहे विचार या किसी अनहोनी का डर आते रहना।
  • बार-बार गिनती करना या मन में कुछ शब्द दोहराना।

अगर इन आदतों को कंट्रोल करना मुश्किल हो और ये रोजमर्रा की जिंदगी में परेशानी पैदा करें, तो समय रहते डॉक्टर से इस बारे में बात जरूर कर लें। 
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ओसीडी के कारण होने वाली दिक्कतें - फोटो : Adobe stock
ओसीडी होती क्यों है?

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, ओसीडी होने का कोई एक स्पष्ट कारण नहीं है। कई स्थितियां इसके लिए जिम्मेदार हो सकती हैं।

अगर परिवार में माता-पिता या भाई-बहन को ओसीडी रहा है तो आपमें भी जोखिम बढ़ सकता है। इसके अलावा अध्ययनों में मस्तिष्क के कुछ हिस्सों और उनसे जुड़ी प्रक्रियाओं में  गड़बड़ी को भी इसका कारण पाया गया है।  कई लोगों में लगातार रहने वाली स्ट्रेस की समस्या भी ओसीडी के लक्षणों को बढ़ा सकती है। इसी तरह बचपन के खतरनाक अनुभवों के कारण ये दिक्कत हो सकती है।

अगर किसी को ओसीडी की दिक्कत है तो उसे समय रहते मनोचिकित्सक से मिलकर इसका निदान और इलाज शुरू कराना चाहिए। कुछ प्रकार की थेरेपी और दवाओं से इसके लक्षणों को कम करने में मदद मिल सकती है।




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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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