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हेल्थ की बात: क्या खूब पानी पीने से किडनी स्टोन का खतरा कम हो सकता है? जानिए डॉक्टर क्या कहते हैं

Thu, 15 Oct 2026 11:54 AM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Kidney Stone: खूब पानी पीते रहना किडनी स्टोन से बचाव में मददगार होता है। पानी पेशाब को पतला रखता है, जिससे पथरी बनाने वाले खनिजों के क्रिस्टल बनने की आशंका कम रहती है। किडनी की सेहत को ठीक रखने के लिए संतुलित खानपान और डॉक्टर की सलाह जरूरी है।
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किडनी में स्टोन की समस्या - फोटो : Amarujala.com/AI
शरीर को स्वस्थ रखने के लिए खान-पान पर ध्यान देते रहना जरूरी होता है। आहार में पौष्टिक चीजों को शामिल करने से जरूरी पोषक तत्वों की आसानी से पूर्ति हो जाती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, अच्छी सेहत के लिए न्यूट्रिशन से भरपूर चीजों का सेवन जितना जरूरी है, दिनभर में खूब पानी पीते रहना भी उतना ही जरूरी माना जाता है।

पानी शरीर का तापमान नियंत्रित रखने, पाचन को बेहतर बनाने और पेशाब के जरिए अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करता है। तो क्या खूब पानी पीते रहने से किडनी स्टोन होने के खतरे को भी कम किया जा सकता है? अगर आपके मन में भी ये सवाल बना रहता है तो आइए इस बारे में जान लेते हैं।
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किडनी में पथरी की समस्या - फोटो : Amarujala.com/AI
किडनी स्टोन की समस्याएं

मेडिकल रिपोर्ट्स से पता चलता है कि खूब पानी पीते रहने से पेशाब के जरिए अपशिष्ट पदार्थ बाहर निकलते रहते हैं। हालांकि जब आप कम पानी पीते हैं तो इससे पेशाब में मौजूद मिनरल्स जमा होने से क्रिस्टल बनने लगते हैं।
 
  • इसके अलावा शरीर में पानी की कमी होने से पेशाब गाढ़ा होने लगता है, जिससे इन क्रिस्टल के बनने का खतरा बढ़ जाता है।
  • यही वजह है कि डॉक्टर पथरी की समस्या से बचाव के लिए पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ लेते रहने की सलाह देते हैं।
  • हालांकि, यहां ध्यान देना जरूरी है कि किडनी स्टोन से बचने के लिए सिर्फ खूब पानी पीना ही काफी नहीं है।
  • खानपान और जीवनशैली में गड़बड़ी भी इसके जोखिमों को बढ़ाने वाला हो सकता है।
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पानी पीने से क्या फायदे होते हैं - फोटो : Adobe Stock
किडनी स्टोन में पानी पीने के फायदे

नेफ्रोलॉजिस्ट डॉ विवेक नारंग बताते हैं, सभी वयस्कों को रोजाना 2-3 लीटर पानी जरूर पीते रहना चाहिए।
 
  • पानी पीने से शरीर में पेशाब की मात्रा बढ़ती है और उसमें कैल्शियम, ऑक्सालेट तथा अन्य पथरी बनाने वाले पदार्थों की सांद्रता कम हो सकती है। 
  • इससे क्रिस्टल बनने और उनके आकार में बढ़ोतरी होने का खतरा भी कम होता है। जिन लोगों को पहले किडनी स्टोन हो चुका है, उनके लिए नियमित रूप से पर्याप्त मात्रा में पानी और अन्य तरल पदार्थ लेना और जरूरी है, ये दोबारा पथरी बनने से बचाव में मदद करता है।
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किडनी को कैसे हेल्दी रखें? - फोटो : Freepik.com
किडनी स्टोन से बचने के और क्या करें?

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, ज्यादा पानी पीने के अलावा किडनी स्टोन से बचने के लिए लाइफस्टाइल में सुधार करना भी जरूरी है।
 
  • ज्यादा नमक खाने से पेशाब में कैल्शियम की मात्रा बढ़ सकती है, जिससे पथरी बनने का खतरा बढ़ता है। चिप्स, नमकीन, अचार और पैकेट वाले खाद्य पदार्थ कम खाएं।
  • पालक, चुकंदर, मेवे और कुछ अन्य खाद्य पदार्थों में ऑक्सालेट अधिक होता है। ऑक्सालेट वाली चीजें को ज्यादा सेवन से किडनी स्टोन का खतरा हो सकता है।
  • नींबू और संतरे जैसे फलों में साइट्रेट होता है। पेशाब में साइट्रेट कैल्शियम के क्रिस्टल बनने से रोकने में मदद कर सकता है। 
  • बहुत अधिक मात्रा में पशु-आधारित प्रोटीन वाली चीजें जैसे रेड मीट ज्यादा खाने से कुछ लोगों में पथरी का खतरा बढ़ सकता है।
  • पथरी से बचने के लिए वजन को कंट्रोल बनाए, नियमित शारीरिक व्यायाम और संतुलित भोजन करना किडनी की सेहत के लिए फायदेमंद है।

किडनी की समस्याओं को न करें अनदेखा

अगर कमर या पेट के एक तरफ तेज दर्द रहता है, पेशाब में खून आता है या पेशाब करते समय दर्द रहता है तो ये पथरी के लक्षण हो सकते हैं। बुखार के साथ दर्द या पेशाब रुकने की स्थिति में तुरंत डॉक्टर से सलाह लें। सिर्फ पानी पीने से हर तरह की पथरी खत्म नहीं होती। अगर पथरी बन चुकी है, तो उसके आकार और स्थान के अनुसार इलाज की जरूरत पड़ सकती है।



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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