रॉक साल्ट को लेकर जान लीजिए ये बातें
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क्या हैं इसके फायदे और सावधानियां
आयुर्वेदिक चिकित्सालय मंडी के डॉ. हितेश के अनुसार गुम्मा यानी सेंधा नमक सेहत के लिए काफी लाभकारी हो सकता है।सेंधा नमक का इस्तेमाल साबूदाना खिचड़ी, फलाहार, रायता, सलाद और चाट जैसे व्यंजनों में स्वाद बढ़ाने के लिए किया जाता है। इसके अलावा गुनगुने पानी में मिलाकर गरारे करने के लिए भी इसका उपयोग प्रचलित है। इससे गले की खराश में राहत मिल सकती है। इसके अलावा गैस, कब्ज या एसिडिटी दूर करने में भी यह नमक मददगार है। श्वसन रोगों में यह नमक लाभदायक है। मांसपेशियों की अकड़न में भी इससे लाभ पाया जा सकता है।
हालांकि स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, नमक चाहे सेंधा हो, काला हो या साधारण, उसकी मात्रा सीमित रखना जरूरी है। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के दिशा-निर्देशों के अनुसार वयस्कों को कुल नमक का सेवन प्रतिदिन 5 ग्राम से कम होना चाहिए। इसमें खाना पकाने और अन्य खाद्य पदार्थों से मिलने वाला नमक भी शामिल है। हाई ब्लड प्रेशर या किडनी की बीमारी वाले लोगों को नमक की मात्रा का ध्यान रखना और भी जरूरी है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
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