फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Summer Drinks: ग्लूकॉन डी और ओआरएस में क्या अंतर है, कब करना चाहिए इनका इस्तेमाल? जानिए सबकुछ विस्तार से

Tue, 21 Apr 2026 08:04 PM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

गर्मियों में लोग बार-बार ठंडा पानी, जूस या एनर्जी ड्रिंक की ओर भागते हैं। इस मौसम में सही समय पर सही चीज का सेवन करना बेहद जरूरी होता है। ग्लूकॉन डी और ओआरएस अच्छा विकल्प हो सकता है। आइए दोनों का इस्तेमाल जान लेते हैं।
विज्ञापन
1 of 5
एनर्जी ड्रिंक - फोटो : Amarujala.com/AI
अप्रैल का आखिरी हफ्ता आते-आते गर्मी का प्रकोप दिखने लगा है। तापमान बढ़ने के साथ शरीर की असली परीक्षा शुरू हो जाती है। जैसे-जैसे गर्मी बढ़ती जाती है, हीट एग्जॉशन और हीट स्ट्रोक जैसी समस्याओं का जोखिम भी काफी बढ़ जाता है। 

तेज धूप, पसीना और बढ़ता तापमान शरीर में पानी और जरूरी पोषक तत्वों की कमी पैदा करने लगता है, जिससे डिहाइड्रेशन और कई अन्य तरह की स्वास्थ्य समस्याओं का जोखिम बढ़ने लग जाता है। ऐसे में लोग बार-बार ठंडा पानी, जूस या एनर्जी ड्रिंक की ओर भागते हैं। हर ठंडा पेय शरीर की जरूरतें और पोषक तत्वों की पूर्ति करे ये जरूरी नहीं है। इसके लिए आपको ऐसे पेय की जरूरत होती है जिससे न सिर्फ डिहाइड्रेशन दूर हो बल्कि शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स की भी आसानी से पूर्ति हो सके।

गर्मियों में जिन हेल्दी ड्रिंक्स की सबसे ज्यादा चर्चा होती है वह हैं- ग्लूकॉन डी और ओआरएस। आइए जान लेते हैं कब आपको ग्लूकॉन डी लेना चाहिए और कब ओआरएस?
विज्ञापन

2 of 5
एनर्जी ड्रिंक का इस्तेमाल - फोटो : freepik.com
ग्लूकॉन डी और ओआरएस

क्या आप भी ग्लूकॉन डी और ओआरएस को एक ही समझ रहे हैं? और इनकी कभी भी इस्तेमाल कर लेते हैं? 

बाजार में आसानी से मिलने वाले ये दोनों पाउडर पानी में घोलकर पीए जाते हैं, लेकिन इनका काम और असर बिल्कुल अलग होता है। एक शरीर को तुरंत ऊर्जा देता है, तो दूसरा शरीर में पानी और नमक का संतुलन बनाए रखने का काम करता है।

ऐसे में यह समझना जरूरी हो जाता है कि कब ग्लूकॉन डी पीना सही है और कब ओआरएस ज्यादा फायदेमंद साबित होगा। अगर आप इन दोनों के बीच का अंतर समझ लेते हैं, तो गर्मी से होने वाली कई परेशानियों से आसानी से बच सकते हैं।
विज्ञापन

3 of 5
ग्लूकॉन डी- इंस्टेंट एनर्जी ड्रिंक - फोटो : Freepik.com
पहले ग्लूकॉन डी के बारे में जानिए 

ग्लूकॉन डी एक इंस्टेंट एनर्जी ड्रिंक पाउडर है, जिसमें मुख्यरूप से ग्लूकोज (डेक्सट्रोज) होता है। 
 
  • जब इसे पानी में घोलकर पिया जाता है, तो यह बहुत तेजी से शरीर में अवशोषित हो जाता है और तुरंत ऊर्जा देता है। 
  • ग्लूकोज चूंकि शरीर में तेजी से पच जाता है ऐसे में यह सीधे ऊर्जा में बदल जाता है।
  • गर्मी में जब ज्यादा पसीना निकलता है या आपको थकान महसूस होती है, ऐसे में ग्लूकॉन डी तुरंत राहत देता है और कमजोरी को कम करता है। 

4 of 5
ORS - फोटो : Amarujala.com
ओआरएस क्या है?

ओआरएस यानी ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन एक वैज्ञानिक तरीके से तैयार किया गया घोल है, जिसमें ग्लूकोज के साथ-साथ जरूरी इलेक्ट्रोलाइट्स जैसे सोडियम, पोटैशियम और क्लोराइड सही अनुपात में मौजूद होते हैं। 
 
  • ओआरएस का इस्तेमाल मुख्य रूप से शरीर में पानी और नमक की कमी को तेजी से पूरा करना होता है।
  • दस्त, उल्टी, ज्यादा पसीना निकलने या लू लगने जैसी समस्याओं में शरीर से पानी के साथ जरूरी मिनरल्स की कमी हो जाती है।
  • ऐसे में ओआरएस सबसे प्रभावी समाधान माना जाता है। डिहाइड्रेशन के मामलों में ये सबसे असरदार माना जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
कब किस पेय का करें इस्तेमाल? - फोटो : Freepik.com
कब कौन से पेय का करें इस्तेमाल

ग्लूकॉन डी का इस्तेमाल मुख्य रूप से तब किया जाता है जब शरीर को तुरंत ऊर्जा की जरूरत हो। जैसे कि अगर आप धूप में काम कर रहे हैं, या ज्यादा थकान महसूस कर रहे हैं, तो यह आपको तुरंत राहत दे सकता है। वहीं ओआरएस का इस्तेमाल तब करना चाहिए जब शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी हो गई हो। दस्त, उल्टी या ज्यादा पसीना आने में ये सबसे असरदार माना जाता है।
 
  • ग्लूकॉन डी मुख्य रूप से एक एनर्जी ड्रिंक है, जो शरीर को तुरंत ग्लूकोज देकर ऊर्जा प्रदान करता है। 
  • वहीं ओआरएस एक मेडिकल सॉल्यूशन है, जो शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बनाए रखने के लिए बनाया गया है।



--------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें