लाइफस्टाइल की गड़बड़ी ने हमारी पूरी सेहत को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। आंखों की सेहत पर भी इसका गंभीर असर देखा जा रहा है। यही कारण है कि अब कम उम्र के लोग यहां तक कि बच्चे भी कम या धुंधला दिखाई देने के साथ आंखों की कई बीमारियों का शिकार पाए जा रहे हैं।
ग्लूकोमा आंखों की ऐसी ही एक समस्या है जिसके मामले काफी तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। ग्लूकोमा को काला मोतिय भी कहते हैं। यह बीमारी आंख की ऑप्टिक नर्व को नुकसान पहुंचाती है और इससे अंधेपन का खतरा बढ़ जाता है।
सबसे चिंताजनक बात यह है कि ग्लूकोमा के शुरुआती चरण में अधिकांश लोगों को कोई खास लक्षण महसूस ही नहीं होते। कई बार जब तक मरीज को पता चलता है, तब तक ऑप्टिक नर्व को काफी नुकसान पहुंच चुका होता है। डॉक्टर कहते हैं, समय पर पहचान और सही उपचार ही आंखों की रोशनी बचाने का सबसे प्रभावी तरीका है।