हमारे शरीर में निरंतर कुछ न कुछ गतिविधि होती रहती है। शरीर के सभी कार्यों को सुचारू रूप से जारी रखने के लिए बाकायदा एक सिस्टम काम करता है, इसमें हार्मोन्स का विशेष भूमिका होती है।
हार्मोन, हमारे शरीर में विभिन्न प्रक्रियाओं को नियंत्रित करने वाले रासायनिक संदेशवाहक होते है जैसे कि शरीर की वृद्धि-विकास, मेटाबॉलिज्म, मनोदशा और अन्य कार्य। कोर्टिसोल भी ऐसा ही एक अति महत्वपूर्ण हार्मोन है जो शरीर के लिए कई प्रकार से बहुत जरूरी है।
कल्पना कीजिए कि आपका शरीर एक बड़ी कंपनी है, जहां हर हार्मोन एक किसी विभाग प्रमुख की भूमिका निभाते हैं। इस कंपनी में कोर्टिसोल नामक हार्मोन संकट प्रबंधन का कार्य करता है। जैसे ही शरीर को कोई समस्या महसूस होती है (तनाव, चोट या बीमारी) उसी समय कोर्टिसोल तुरंत सक्रिय हो जाता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, कोर्टिसोल जीवनरक्षक हार्मोन है जो हमें कई प्रकार की समस्याओं से लड़ने की ताकत देता है। लेकिन जब शरीर में इसका असंतुलन होने लगता है तो इससे कई तरह की दिक्कतें हो सकती हैं।