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Collagen: ये संकेत बताते हैं लो हो गया है कोलेजन लेवल, जानिए कैसे बढ़ाएं इसकी मात्रा

Sun, 05 Jul 2026 06:29 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

 शरीर में कोलेजन की कमी के कौन-कौन से संकेत दिखाई देते हैं, इससे क्या समस्याएं हो सकती हैं और किन तरीकों से आप अपने शरीर में कोलेजन के स्तर को बेहतर बनाए रख सकते हैं? आइए इस बारे में जान लेते हैं।
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कोलेजन की कमी का खतरा - फोटो : Amarujala.com/AI
जिस तरह से शरीर की मांसपेशियों को मजबूत बनाए रखने के लिए प्रोटीन जरूरी है,हड्डियों के लिए कैल्शियम और विटामिन-डी, उसी तरह से चेहरे को चमकदार बनाए रखना चाहते हैं तो कोलेजन की मात्रा पर ध्यान देना जरूरी है। कोलेजन एक बहुत महत्वपूर्ण प्रोटीन माना जाता है। इसे शरीर का नेचुरल ग्लू भी कहा जाता है, क्योंकि यह त्वचा, हड्डियों, मांसपेशियों, लिगामेंट्स को मजबूती देने का काम करता है।

उम्र बढ़ने के साथ शरीर में कोलेजन का उत्पादन स्वाभाविक रूप से कम होने लगता है। लगभग 25 वर्ष की उम्र के बाद शरीर की कोलेजन बनाने की क्षमता घटने लगती है। वहीं अगर आपका लाइफस्टाइल और खान-पान ठीक नहीं है तो लो कोलेजन का असर और भी साफ दिखने लगता है। अध्ययनों में पाया गया है कि धूम्रपान, ज्यादा चीनी वाली चीजें खाना , तनाव, नींद की कमी और खराब खानपान भी कोलेजन को तेजी से कम करने लगते हैं।

क्या आपकी त्वचा पहले जैसी चमकदार नहीं रही? चेहरे पर झुर्रियां दिखने लगी हैं, बाल बेजान हो गए हैं और जोड़ों में दर्द रहने लगा है ? अगर हां  तो हो सकता है कि आपके शरीर में कोलेजन की मात्रा कम हो रही हो।
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कोलेजन की कमी से क्या होता है? - फोटो : Adobe stock
कोलेजन की कमी सेहत पर पड़ सकती है भारी
 
आमतौर पर माना जाता है कि कोलेजन का काम सिर्फ त्वचा को सुंदर और चमकदार बनाए रखना है। पर क्या आप जानते हैं कि इसका प्रभाव पूरे शरीर पर पड़ता है। कोलेजन की कमी के कारण त्वचा तो ढीली पड़ने ही लगती है साथ ही जोड़ों में अकड़न, हड्डियों की कमजोरी, बालों का झड़ना भी बढ़ जाता है।

कोलेजन की कमी का सबसे पहला असर त्वचा पर दिखाई देता है। त्वचा ढीली पड़ने लगती है, झुर्रियां जल्दी आने लगती हैं और चेहरा पहले जैसी चमक खो देता है। अगर पर्याप्त पानी पीने और स्किन केयर के बावजूद स्किन लगातार खराब हो रही है, तो यह कोलेजन की कमी का संकेत हो सकता है।
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जोड़ों की समस्या - फोटो : Freepik.com
जोड़ों और बालों पर असर
 
  • कोलेजन जोड़ों के कार्टिलेज का महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। इसकी कमी से कार्टिलेज कमजोर होने लगता है, जिससे जोड़ों में दर्द, अकड़न और चलने-फिरने में परेशानी हो सकती है। लंबे समय तक कमी रहने पर ऑस्टियोआर्थराइटिस जैसी समस्याओं का खतरा भी बढ़ सकता है।
  • इसी तरह से यदि आपके बाल तेजी से झड़ रहे हैं या नाखून बार-बार टूट रहे हैं, तो इसके पीछे भी कोलेजन की कमी एक कारण हो सकती है। कोलेजन बालों की जड़ों को मजबूत रखने के लिए भी जरूरी है।

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थकान-कमजोरी के कारण - फोटो : Freepik.com
मांसपेशियां हो रही हैं कमजोर?

मांसपेशियों की मजबूती बनाए रखने में भी कोलेजन योगदान देता है। इसकी कमी से शरीर जल्दी थक सकता है और मांसपेशियों की ताकत धीरे-धीरे कम हो सकती है। खासकर उम्रदराज लोगों में यह समस्या अधिक देखने को मिलती है। पर्याप्त प्रोटीन और नियमित व्यायाम से इस जोखिम को कम किया जा सकता है।
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डाइट में करें सुधार - फोटो : Freepik.com
कोलेजन बढ़ाने के लिए क्या करें?

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, प्रोटीन से भरपूर भोजन आपमें कोलेजन की कमी को पूरा करने में मदद करता है। इसके अलावा विटामिन सी वाले फल, अंडे-मछली, दालें और हरी सब्जियां शरीर के प्राकृतिक कोलेजन निर्माण में मदद कर सकती हैं। दिनभर में खूब पानी पीना, धूम्रपान से बचना और रोजाना व्यायाम भी आपके लिए जरूरी है।

हालांकि यदि इन उपायों के बाद भी त्वचा ढीली पड़ रही है और लगातार जोड़ों में दर्द रहता है तो डॉक्टर से जांच करवानी चाहिए। 




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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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