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Alert: रात की ये एक गड़बड़ आदत सेहत के लिए बढ़ा सकती है गंभीर मुश्किलें, आप भी तो नहीं कर रहे ये गलती?

Fri, 12 Sep 2025 10:18 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • गड़बड़ लाइफस्टाइल का मेटाबॉलिज्म-हार्मोन्स पर असर होता है जिसके कारण कई प्रकार की क्रॉनिक बीमारियों का जोखिम बढ़ जाता है।
  • अध्ययनों में पाया गया है कि हम में से अधिकतर लोग रात में जाने-अनजाने कुछ ऐसी गलतियां कर रहे हैं जिसका स्वास्थ्य पर गंभीर असर हो सकता है।
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रात में सोने से तुरंत पहले आप भी तो नहीं करते हैं डिनर? - फोटो : Freepik.com
तमाम अध्ययनों से इस बात की पुष्टि होती है कि अगर हम सभी अपनी दिनचर्या, खान-पान के समय को ठीक कर लें तो ये कई बीमारियों से बचाव में काफी मददगार हो सकती है। गड़बड़ लाइफस्टाइल का मेटाबॉलिज्म-हार्मोन्स पर असर होता है जिसके कारण कई प्रकार की क्रॉनिक बीमारियों का जोखिम बढ़ जाता है। अध्ययनों में पाया गया है कि हम में से अधिकतर लोग रात में जाने-अनजाने कुछ ऐसी गलतियां कर रहे हैं जिसका स्वास्थ्य पर गंभीर असर हो सकता है।

दिनचर्या में गड़बड़ी ने हमारे सोने-उठने, खाने के समय को बदल दिया है। देर रात खाने की आदत आजकल लोगों में काफी आम हो गई है। पर क्या आप जानते हैं कि आपकी यह आदत शरीर के लिए कई प्रकार से मुश्किलें बढ़ाने वाली हो सकती है?

अगर आप भी रात में देर से डिनर करते हैं तो इसमें सुधार कर लें वरना ये आपकी सेहत के लिए भारी पड़ सकती है।
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देर से डिनर करने के नुकसान - फोटो : Freepik.com
देर से डिनर के हो सकते हैं कई नुकसान

अध्ययनकर्ता बताते हैं, देर से डिनर के कारण हम देर से सोते हैं पर ऑफिस जाने के कारण जल्दी उठना पड़ता है, इससे शरीर के लिए आवश्यक नींद पूरी नहीं हो पाती है। यह वजन बढ़ने से लेकर कई प्रकार की मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं के लिए भी जिम्मेदार हो सकती है।

अगर आपकी भी रोज रात में 8-9 बजे के बाद भोजन करने की आदत है तो सावधान हो जाइए, इसके कई प्रकार के दुष्प्रभाव हो सकते हैं।
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डिनर करने का सही समय क्या है? - फोटो : Freepik.com
रात में देर से डिनर करने से हमारी सेहत को क्या-क्या नुकसान हो सकते हैं, इसे जानने से पहले ये जान लीजिए कि डिनर करने का सही समय क्या है?

डिनर का सही समय क्या है?

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक रात के खाने के बाद अगले मील तक 12 घंटे का गैप जरूर होना चाहिए। इसलिए जरूरी है कि रात में 7-8 बजे के बीच भोजन कर लेना चाहिए, इससे अगले मील यानी कि सुबह के नाश्ते तक में 12 घंटे तक का गैप हो जाता है। 7-8 बजे भोजन और 10 बजे के पहले सोने से सर्केडियन रिदम भी ठीक रहती है। समय पर भोजन और नींद, लाइफस्टाइल से संबंधित कई प्रकार की समस्याओं को कम करने में मददगार हो सकती है।

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खान-पान का समय निर्धारित करें - फोटो : Freepik.com
अमेरिकन जर्नल ऑफ क्लीनिकल न्यूट्रिशन में प्रकाशित एक अध्ययन के मुताबिक, रात में देर से खाना खाने से आपके स्वाभाविक रूप से अधिक कैलोरी के सेवन की आशंका बढ़ जाती है जो सीधे तौर पर वजन को प्रभावित कर सकती है।

भूख बढ़ाने वाले हार्मोन्स पर असर

शोधकर्ताओं ने पाया कि देर से खाने का असर भूख को नियंत्रित करने वाले हार्मोन्स- लेप्टिन और घ्रेलिन पर भी पड़ता है, जो हमारे खाने की इच्छा और भूख का प्रभावित करते हैं। विशेष रूप से देर रात के खाने की आदत का असर लेप्टिन हार्मोन के स्तर पर देखा गया है जो तृप्ति का संकेत करता है। रात में देर से खाने से तृप्ति नहीं होती है, जिससे भी कैलोरी इंटेक बढ़ सकता है, जिसके कारण वजन  प्रभावित हो सकता है।
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मोटापे की समस्या - फोटो : Adobe stock
वजन बढ़ने की हो सकती है समस्या

हार्वर्ड वैज्ञानिकों द्वारा इस विषय में एक शोध करके जानने की कोशिश की गई कि आखिर देर से खाने का शरीर के वजन पर किस प्रकार का असर होता है? इसमें पाया गया कि तय समय से चार घंटे बाद डिनर करने से हमारे भूख के स्तर में महत्वपूर्ण अंतर आता है। रात के समय मेटाबॉलिक दर स्वाभाविक तौर पर कम होती है जिससे भोजन का पाचन देर से हो पाता है। मेटाबॉलिज्म में होने वाली दिक्कतों के कारण वजन बढ़ना काफी सामान्य है। 



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नोट: 
यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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