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Health Alert: आपकी ये तीन आदतें आंखों को पहुंचा रही हैं गंभीर नुकसान, नहीं किया सुधार तो जा सकती है रोशनी

Thu, 19 Dec 2024 09:11 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

अध्ययनों से पता चलता है कि लाइफस्टाइल और आहार में गड़बड़ी के कारण पूरे शरीर के साथ आंखों की सेहत पर भी असर हो सकता है। आइए जानते हैं कि किन कारणों से आंखों को नुकसान हो सकता है और इससे बचाव के लिए क्या प्रयास किए जा सकते हैं?
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आंखों की बीमारी - फोटो : Freepik.com
आंखें हमारे शरीर का अनमोल हिस्सा हैं। यह दुनिया को देखने, समझने और अनुभव करने में मदद करती हैं। इन्हें स्वस्थ रखने के लिए हमें निरंतर प्रयास करते रहने की आवश्यकता होती है। हालांकि भागदौड़ भरी जिंदगी और खराब आदतों के कारण हम अक्सर अपनी आंखों का ख्याल रखना भूल जाते हैं। अध्ययनों से पता चलता है कि लाइफस्टाइल और आहार में गड़बड़ी के कारण पूरे शरीर के साथ आंखों की सेहत पर भी असर हो सकता है। 

हमारी आंखें दुनिया को देखने का माध्यम हैं, लेकिन कुछ आदतें इन्हें धीरे-धीरे नुकसान पहुंचा सकती हैं। लगातार डिजिटल स्क्रीन का इस्तेमाल, गलत खानपान, और आराम की कमी जैसी आदतें आंखों के लिए गंभीर समस्याएं पैदा कर सकती हैं। अगर समय रहते इन आदतों को बदला न जाए, तो यह न केवल आपकी दृष्टि को प्रभावित कर सकती हैं, बल्कि आंखों की सेहत पर भी गहरा असर डाल सकती हैं।

आइए जानते हैं कि किन कारणों से आंखों को नुकसान हो सकता है और इससे बचाव के लिए क्या प्रयास किए जा सकते हैं?
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आंखों की बीमारी का खतरा - फोटो : Freepik.com
आंखों की समस्याएं

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, हमारी आंखें बहुत नाजुक और संवेदनशील होती हैं। यही कारण है कि इनकी देखभाल हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए। कुछ आदतों को सुधारकर आप अपनी आंखों को सुरक्षित और स्वस्थ रख सकते हैं। अगर आपको आंखों में कोई परेशानी महसूस हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

आजकल बच्चों में भी कम दिखाई देने और आंखों से संबंधित कई तरह की बीमारियों का खतरा देखा जा रहा है जो उनकी क्वालिटी ऑफ लाइफ को प्रभावित करता है। इसके अलावा उम्र बढ़ने के साथ आंखों की समस्याओं का जोखिम बढ़ ही जाता है जिसको लेकर सभी को सावधानी बरतनी चाहिए।

आइए जानते हैं कि किन आदतों में सुधार करना आपके लिए बहुत जरूरी है?
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स्क्रीन टाइम बढ़ने के नुकसान - फोटो : freepik
लंबे समय तक डिजिटल स्क्रीन का इस्तेमाल नुकसानदायक

आजकल ज्यादातर लोग दिनभर कंप्यूटर, मोबाइल, या टीवी स्क्रीन के सामने समय बिताते हैं। लंबे समय तक स्क्रीन देखने से आंखें थकान महसूस करती हैं, जलन-खुजली हो सकती है इसे "डिजिटल आई स्ट्रेन" कहा जाता है। स्क्रीन पर अधिक समय बिताने से डिजिटल आई स्ट्रेन, ड्राई आई सिंड्रोम और धुंधला दिखने जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

आंखों को स्वस्थ रखने के लिए 20-20-20 नियम अपनाएं – हर 20 मिनट बाद 20 सेकंड के लिए 20 फीट दूर देखें।

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आहार का रखें ध्यान - फोटो : Freepik.com
संतुलित आहार की कमी

विटामिन और मिनरल्स की कमी से आंखों की सेहत कमजोर हो सकती है। विशेष रूप से विटामिन ए, सी, और ई का अभाव आंखों की समस्याओं का कारण बन सकता है। यदि आप स्वस्थ और पौष्टिक चीजों का सेवन नहीं करते हैं तो इसका असर आंखों पर भी होने लगता है।

इस तरह की दिक्कतों से बचे रहने के लिए गाजर, पालक, ब्रोकली, और मछली जैसे पोषक तत्वों से भरपूर खाद्य पदार्थ खाएं। ओमेगा-3 फैटी एसिड वाले फूड्स को अपनी डाइट में शामिल करें। पानी ज्यादा पिएं, जिससे आंखें हाइड्रेटेड रहें।
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नींद की समस्या - फोटो : Freepik.com
पर्याप्त नींद न लेना

नींद की कमी संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। नींद पूरी न होने सेआंखें लाल, सूजी हुई, और थकी हुई दिखती हैं। यह आपकी आंखों की कार्यक्षमता और दृष्टि पर भी नकारात्मक प्रभाव डाल सकती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, सभी लोगों को रोजाना कम से कम 7-8 घंटे की नींद जरूर लेनी चाहिए। सोने से पहले स्क्रीन का इस्तेमाल बंद कर दें और सोने का एक निश्चित समय तय करें।

इस तरह की कुछ आदतों को सुधारकर आप अपनी आंखों को सुरक्षित और स्वस्थ रख सकते हैं। 


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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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