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Health Alert: किचन में मौजूद इन चार चीजों का अधिक सेवन कहीं हो न जाए 'जानलेवा', आज से ही हो जाइए सावधान

Sun, 16 Feb 2025 07:45 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

हाल के वर्षो में जिस बीमारी ने सबसे ज्यादा चिंता बढ़ाई है वह है हार्ट की समस्या। 30 से कम उम्र के लोग भी हृदय संबंधी रोगों, यहां तक कि हार्ट अटैक का शिकार हो रहे हैं। हमारे किचन में ही कई ऐसी चीजें हैं जिनका हम सभी रोजाना सेवन करते हैं पर दीर्घकालिक रूप में इससे हार्ट को काफी नुकसान पहुंचता है।
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खान-पान में करें सुधार - फोटो : Adobe stock
शरीर को स्वस्थ रखने और कई प्रकार की बीमारियों से बचे रहने के लिए स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को खान-पान और दिनचर्या में सुधार करने की सलाह देते हैं। अध्ययनों से पता चलता है कि तेजी से बढ़ती गंभीर और क्रोनिक बीमारियों के लिए गड़गड़ खान-पान एक प्रमुख कारण हो सकता है। यानी कि अगर आप कम उम्र से ही आहार में सुधार कर लेते हैं तो डायबिटीज, ब्लड प्रेशर,  हार्ट की कई गंभीर समस्याओं से बचाव कर सकते हैं।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं हाल के वर्षो में जिस बीमारी ने सबसे ज्यादा चिंता बढ़ाई है वह है हार्ट की समस्या। 30 से कम उम्र के लोग भी हृदय संबंधी रोगों, यहां तक कि हार्ट अटैक का शिकार हो रहे हैं। इससे बचाव के लिए सभी लोगों को निरंतर प्रयास करते रहना चाहिए। 
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हृदय रोगों का बढ़ता खतरा - फोटो : Freepik.com
खान-पान में गड़बड़ी के कारण होने वाली समस्याएं

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, हमारे किचन में ही कई ऐसी चीजें हैं जिनका हम सभी रोजाना सेवन करते हैं पर दीर्घकालिक रूप में इससे हार्ट को काफी नुकसान पहुंचता है। कई अध्ययनों में भी इन चीजों का सेवन कम से कम करने की सलाह दी जाती रही है।

आइए ऐसी ही चार चीजों के बारे में जानते हैं जिनका हम सभी नियमित रूप से सेवन करते हैं पर ये आपके हार्ट के लिए बिल्कुल भी ठीक नहीं हैं।
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गड़बड़ खान पान से हार्ट को नुकसान - फोटो : Adobe stock
आप भी तो नहीं खाते हैं बहुत ज्यादा मैदा वाली चीजें?

डॉक्टर बताते हैं, हार्ट अटैक का खतरा बढ़ाने में गड़बड़ आहार की भी भूमिका हो सकती है। किचन में मौजूद कुछ सामान्य खाद्य पदार्थों का यदि अधिक मात्रा में या नियमित रूप से सेवन करते हैं तो ये दिल की सेहत पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं। रिफाइंड आटा उनमें से एक है।

रिफाइंड आटा को मैदा भी कहा जाता है। मैदा से बने खाद्य पदार्थ, जैसे सफेद ब्रेड, केक, कुकीज हाई कैलोरी और कम पोषक तत्वों वाले होते हैं इसके अलावा इनमें फाइबर की कमी होती है। इन चीजों के अधिक सेवन से वजन और कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ सकता है, जो हृदय रोगों का खतरा बढ़ा देते हैं।

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ज्यादा नमक खाने के नुकसान - फोटो : Freepik
ज्यादा नमक और चीनी खाना भी खतरनाक

अत्यधिक नमक का सेवन उच्च रक्तचाप (हाई ब्लड प्रेशर) का प्रमुख कारण है, जो हृदय रोगों और स्ट्रोक के जोखिम को बढ़ाता है। प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थ जैसे चिप्स, नमकीन और डिब्बाबंद सूप में सोडियम की मात्रा अधिक होती है। इस तरह की चीजों का सेवन सेहत के लिए कई प्रकार से नुकसानदायक हो सकता है।

ज्यादा नमक की ही तरह चीनी का भी अधिक सेवन सेहत के लिए हानिकारक है। मीठे पेय पदार्थ जैसे सोडा, कोल्ड ड्रिंक्स और पैकेज्ड जूस में उच्च मात्रा में चीनी होती है। अधिक चीनी वाली चीजें खाने से मोटापा, टाइप-2 डायबिटीज और हृदय रोगों का खतरा बढ़ाता है। अध्ययनों से पता चला है कि जो लोग अत्यधिक मीठे पेय पदार्थों का सेवन करते हैं, उनमें हृदय रोगों का जोखिम अधिक होता है। 
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सेचुरेटेड फैट वाली चीजों से बचें - फोटो : Freepik.com
सेचुरेटेड फैट के नुकसान

सेचुरेटेड फैट वाली चीजों को हार्ट हेल्थ के लिए सबसे नुकसानदायक पाया गया है। रेड मीट, बटर और घी जैसे खाद्य पदार्थों में संतृप्त वसा की मात्रा अधिक होती है। अधिक मात्रा में इसके सेवन से रक्त में बैड कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ाने लगता है, जिससे एथेरोस्क्लेरोसिस (धमनियों का सख्त होने) और हृदय रोगों का खतरा बढ़ जाता है।

अध्ययनों के अनुसार, संतृप्त वसा की अधिक मात्रा दिल के दौरे का जोखिम बढ़ा सकती है। इन चीजों के अधिक सेवन से सभी लोगों को बचाव करते रहना चाहिए।



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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