कई बार जब आप अपनी बीमारियों के निदान के लिए डॉक्टर के पास जाते हैं तो जांच में आपसे पेशाब का सैंपल मांगा जाता है, जानते हैं क्यों? स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं कि पेशाब के माध्यम से शरीर से फिल्टर अपशिष्ट निकलते हैं। ऐसे में इसके रंग में बदलाव के आधार पर कई तरह की बीमारियों का निदान किया जा सकता है। यही कारण है कि सभी लोगों को नियमित रूप से पेशाब के रंग में बदलाव पर नजर रखने की सलाह दी जाती है।
डॉक्टर बताते हैं, पेशाब सामान्य तौर से हल्के पीले रंग का होना चाहिए, इसमें पीलेपन का मुख्य कारण अपशिष्टों को माना जाता है। हालांकि कुछ स्थितियों में इसके रंग में बदलाव हो सकता है। पानी कम पीने वाले लोगों के पेशाब का रंग हल्का भूरा या गाढ़ा हो सकता है। पेशाब के रंग में होने वाले परिवर्तन पर सभी लोगों को गौर करने की जरूरत है। आइए आगे की स्लाइडों में रंग में बदलाव के आधार पर जानते हैं कि यह किस बीमारी का संकेत हो सकता है?