शरीर को ठीक तरीके से काम करते रहने के लिए पर्याप्त मात्रा में रक्त की आवश्यकता होती है। जिन लोगों में खून की कमी होती है उन्हें अक्सर थकान, कमजोरी, चक्कर आने सहित कई अन्य प्रकार की स्वास्थ्य समस्याओं के भी बने रहने का खतरा होता है। हम सभी के शरीर में अलग-अलग ब्लड ग्रुप वाला खून होता है। इतना ही नहीं सगे भाई-बहनों का ब्लड ग्रुप भी अलग हो सकता है। कभी आपने सोचा, ये ब्लड ग्रुप आखिर होता क्या है? और किन पैमानों पर इसका निर्धारण किया जाता है कि आपका ग्रुप कौन सा है?
इस बारे में समझने से पहले हमें ये जानना जरूरी है कि रक्त कितने प्रकार के होते हैं? स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं- ब्लड ग्रुप आठ अलग-अलग प्रकार के होते हैं। आपका ब्लड ग्रुप कौन सा होगा ये आपके माता-पिता से विरासत में मिले जीन पर निर्भर करता है। अधिकांश लोगों के शरीर में लगभग 4-6 लीटर रक्त होता है और ये रक्त विभिन्न प्रकार की कोशिकाओं से मिलकर बना होता है।
है न मजेदार? जो खून देखने में आपको सिर्फ लाल रंग का नजर आता है, असल में उसके भीतर कई सारे 'राज' छिपे होते हैं, आइए इस बारे में विस्तार से समझते हैं? आखिर क्या है 'खून का राज'