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Sleep Disorder: विशेषज्ञों ने बताया- ये स्थितियां बढ़ा सकती हैं अनिद्रा की समस्या, समय पर कर लें पहचान वरना बढ़ जाएगी परेशानी

Tue, 19 Apr 2022 08:03 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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नींद न आने की समस्या - फोटो : Pixabay
बेहतर शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए स्वस्थ आहार, नियमित व्यायाम के साथ विशेषज्ञ अच्छी नींद की आवश्यकताओं पर भी विशेष जोर देते हैं। कई शोध इस बात को प्रमाणित करते हैं कि यदि आपको नींद विकारों की समस्या है तो यह शरीर में अन्य कई तरह के रोगों के जोखिम को भी बढ़ा सकती है। नींद संबंधी विकार ऐसी स्थितियां हैं, जिसमें या तो आपको नींद नहीं आती है, या आपकी नींद बार-बार टूट जाती है। रात के समय अच्छी नींद न ले पाने वाले लोगों में कई तरह की शारीरिक-मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है। अध्ययनों से पता चलता है कि हमारे जीवनशैली की कुछ आदतें नींद विकारों को बढ़ावा दे सकती हैं, जिनके बारे में सभी लोगों को विशेष सतर्कता बरतते रहने की आवश्यकता है।

कुछ स्थितियों या बीमारी में नींद न आना या नींद पूरी न हो पाना सामान्य है, हालांकि अगर आपको इस तरह की समस्या अक्सर बनी रहती है तो इसे अनिद्रा माना जा सकता है, जिसके बारे में तुरंत विशेषज्ञों की सलाह लेकर इसका उपचार किया जाना आवश्यक है। विशेषज्ञ आमतौर पर वयस्कों को रात में कम से कम सात से नौ घंटे सोने की सलाह देते हैं। आइए जानते हैं कि कौन सी स्थितियां आपमें नींद संबंधी विकारों का कारण बन सकती हैं, जिनको लेकर विशेष सावधानी बरतनी चाहिए?
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नींद विकारों के कारण हो सकती हैं कई दिक्कतें - फोटो : pixabay
नींद विकारों के दुष्प्रभाव

गुणवत्तापूर्ण नींद न ले पाने वाले लोगों में कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा हो सकता है। क्लीवलैंड क्लीनिक की रिपोर्ट से पता चलता है कि लंबे समय तक बनी रहने वाली नींद विकारों की समस्या के कारण संज्ञानात्मक कार्य क्षमता जैसे बच्चों में सीखने की अक्षमता, सभी उम्र के लोगों में याददाश्त की कमी, व्यक्तित्व परिवर्तन और कुछ स्थितियों में डिप्रेशन का खतरा हो सकता है।

नींद पूरी न कर पाने वाले लोगों में सामान्यतौर पर निर्णय लेने में कठिनाई, चिड़चिड़ापन, कार्यक्षमता और प्रदर्शन में कमी और कई तरह की शारीरिक समस्याएं हो सकती हैं। नींद की कमी मोटापे, मधुमेह और हृदय रोगों का जोखिम भी बढ़ा देती है। नींद विकार के कारणों को जानना बहुत आवश्यक है।
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नींद की समस्याएं क्यों होती हैं? - फोटो : Pixabay
नींद की समस्याओं के शारीरिक कारण

नींद की समस्या विभिन्न कारणों से हो सकती है। इसमें कई शारीरिक स्थितियां भी विशेष भूमिका निभाती हैं। नींद विकारों के अलग-अलग कारण हो सकते हैं, जैसे हृदय रोग, फेफड़े की बीमारी, तंत्रिका विकार और दर्द की स्थिति में भी नींद प्रभावित हो जाती है, ऐसे में इसके कारणों को जानना और उसका उपचार आवश्यक हो जाता है। 

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तनाव के कारण नींद की समस्या - फोटो : Istock
मानसिक स्वास्थ्य का असर

क्लीवलैंड क्लीनिक की रिपोर्ट बताती है कि यदि आप किसी प्रकार की मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं से परेशान हैं, जैसे यदि आपको लंबे समय से तनाव, चिंता या अवसाद की समस्या है, तो यह स्थितियां भी नींद न आने का कारण हो सकती हैं। इतना ही नहीं नींद न आने के कारण इन स्थितियों की जटिलताओं के बढ़ने का खतरा भी अधिक होता है, ऐसे में नींद पूरी करने पर विशेष ध्यान देते रहने की आवश्यकता है। 
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नींद पूरी करना बहुत आवश्यक - फोटो : Pixabay
इन कारणों के बारे में भी जानिए

स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, कुछ अन्य स्वास्थ्य समस्याएं भी नींद की कमी का कारण बन सकती हैं, जिनके बारे में सभी लोगों को अलर्ट रहना चाहिए। 
  • पर्यावरणीय कारक और दिनचर्या की खराब आदतें जैसे शराब या धूम्रपान का अधिक सेवन।
  • रात की पाली में काम करना (यह आपके बायोलॉजिकल क्लॉक को बिगाड़ सकती है)।
  • आनुवांशिक स्थितियां भी नींद की समस्या बढ़ा सकती हैं। 
  • कुछ दवाओं के सेवन के कारण भी नींद में बाधा आ जाती है।
  • बुढ़ापा (65 वर्ष से अधिक आयु के लोग)। उम्र बढ़ने के साथ लोगों में नींद विकार के जोखिम बढ़ जाते हैं। 


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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से प्राप्त जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। अमर उजाला इस दावे की पुष्टि नहीं करता है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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