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Mouth Ulcers: क्या आपको भी अक्सर हो जाते हैं मुंह में छाले? कहीं ये किसी गंभीर बीमारी का संकेत तो नहीं

Thu, 26 Jun 2025 07:39 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • मुंह में छाले होने के कई कारणों से हो सकते हैं। मुंह में होने वाले ये छोटे-छोटे घाव काफी दर्दकारक हो सकते हैं जिसके चलते खाना-पिना तक कठिन हो जाता है।
  • अगर ये कभी-कभार हों तो सामान्य है, लेकिन बार-बार या लंबे समय तक बने रहना चिंता का विषय है।
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मुंह में छाले होने की समस्या - फोटो : Adobe stock photos
मुंह में छाले होने की समस्या से आप भी कभी न कभी जरूर परेशान हुए होंगे। मुंह में होने वाले ये छोटे-छोटे घाव काफी दर्दकारक होते हैं जिसके चलते खाना-पिना तक कठिन हो जाता है। आमतौर पर छाले खुद से या हल्के-फुल्के घरेलू उपायों से आसानी से ठीक भी हो जाते हैं पर अगर ये समस्या आपको अक्सर बनी रहती है तो डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें। बार-बार छाले होना किसी गंभीर बीमारी का लक्षण तो नहीं है?

मुंह के अंदर गाल-होंठ, जीभ या मसूड़ों पर छोटे-छोटे सफेद या पीले रंग के घावों को माउथ अल्सर या छाले कहा जाता है। ये जलन, दर्द और खाने-पीने में तकलीफ का कारण बन सकते हैं। अगर ये कभी-कभार हों तो सामान्य है, लेकिन बार-बार या लंबे समय तक बने रहना चिंता का विषय है।

आइए समझते हैं कि छाले होते क्यों हैं और कहीं ये गंभीर समस्या का संकेत तो नहीं हैं?
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मुंह में छाले होना - फोटो : Freepik.com
मुंह में छाले होने की वजह क्या है?

मुंह में छाले होने के कई कारणों से हो सकते हैं, जिनमें चोट, कुछ प्रकार के खाद्य पदार्थों से रिक्शन, पोषक तत्वों की कमी और अंतर्निहित चिकित्सा स्थितियां शामिल हैं। आमतौर पर छाले हानिरहित होते हैं और अपने आप ठीक हो जाते हैं, लेकिन बार-बार होने वाले या लगातार होने वाले छालों का डॉक्टर से निदान कराना जरूरी हो जाता है।

अध्ययनों से पता चलता है कि कुछ प्रकार के पोषक तत्वों की कमी जैसे फोलेट (विटामिन B9), विटामिन B12, आयरन और जिंक की कमी से बार-बार छाले हो सकते हैं। एक शोध के अनुसार, 28% रोगियों में विटामिन की कमी छालों का प्रमुख कारण पाई गई।
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माउथ अल्सर की समस्या - फोटो : Freepik.com
इन कारणों को भी जानिए

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, छाले होने के पीछे तनाव और नींद की कमी जैसे कारण भी जिम्मेदार हो सकते हैं। साइकोसोमेटिक जर्नल में प्रकाशित अध्ययन के मुताबिक, तनावग्रस्त लोगों में छाले होने की संभावना अधिक होती है।

इसके अलावा महिलाओं में पीरियड्स से पहले या मेनोपॉज के दौरान भी छाले होने की दिक्कत अधिक देखी जाती है इसके लिए शरीर में हार्मोनल बदलावों को कारण माना जा सकता है। 

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बार-बार छाले होना - फोटो : Freepik.com
बार-बार छाले होना कितना गंभीर?

अगर छाले लगातार हो रहे हैं, बहुत दर्दनाक हैं या ठीक होने में 2 हफ्ते से अधिक समय ले रहे हैं, तो इस पर गंभीरता से ध्यान दिया जाना चाहिए। एनीमिया (खून की कमी),  खासकर विटामिन बी12 की कमी  अक्सर छालों की वजह बनती है। इसका समय रहते इलाज जरूरी हो जाता है। 

गैस्ट्रिक समस्याएं जैसे सीलिएक या क्रोहन डिजीज के लक्षणों में आपको मुंह में बार-बार छाले होने की दिक्कत होती है, जिसका समय पर पहचान और इलाज जरूरी है। कुछ अध्ययनों से पता चलता है कि कमजोर इम्युनिटी की वजह से भी छाले बार-बार होते हैं।
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मुंह की साफ-सफाई का रखें ध्यान - फोटो : Freepik.com
छालों से बचाव के लिए क्या करें?

डॉक्टर कहते हैं आप कुछ सामान्य से उपाय करके इस समस्या से बचाव कर सकते हैं। 
  • इसके लिए संतुलित आहार लें जिसमें हरी सब्जियां, फल, दूध और दही जैसी चीजें जरूर शामिल हों।
  • जिंक और विटामिन सप्लीमेंट डॉक्टर की सलाह से ले सकते हैं।
  • माउथवॉश या एंटीसेप्टिक जेल का उपयोग करें, जिससे मुंह में संक्रमण का खतरा कम हो।
  • बार-बार छाले हो रहे हैं तो खट्टे, गर्म भोजन से परहेज करें।
मुंह के छाले अक्सर सामान्य लगते हैं, लेकिन अगर ये बार-बार हो रहे हैं तो इन्हें नजरअंदाज करना ठीक नहीं है। ये हमारे शरीर के भीतर चल रही गंभीर पोषण की कमी या बीमारियों के संकेत भी हो सकते हैं। समय रहते पहचान और इलाज से हम बड़ी समस्याओं से बच सकते हैं।



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नोट: 
यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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