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Acidity: जानिए पेट में गैस-कब्ज होने की क्या है असली वजह? बचाव के लिए डॉक्टर ने बताए पांच 'बेजोड़ उपाय'

Thu, 15 Jun 2023 07:30 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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एसिडिटी की समस्या - फोटो : istock
एसीडिटी, पेट की सामान्य समस्याओं में से एक है, इसे अम्लता के नाम से भी जाना जाता है। जैसा कि नाम से ही स्पष्ट है कि यह पेट में अधिक अम्ल बन जाने के कारण होने वाली समस्या है। यह एसिड पेट की ग्रंथियों द्वारा निर्मित होता है। अम्लता पेट में अल्सर, गैस्ट्रिक सूजन, और अपच जैसे लक्षण पैदा करती है। पर आखिर एसिडिटी होती क्यों है?

डॉक्टर कहते हैं, आमतौर पर अनियमित खाने के पैटर्न, शारीरिक गतिविधियों की कमी, शराब का सेवन-धूम्रपान, तनाव और खाने की खराब आदतों के कारण एसिडिटी होने का खतरा अधिक होता है। इसके अलावा अधिक मांसाहारी, मसालेदार और तैलीय भोजन भी एसिडिटी का कारण बन सकते हैं।

आइए जानते हैं कि किन उपायों के साथ इसे कंट्रोल किया जा सकता है?
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पाचन स्वास्थ्य की समस्या - फोटो : Pixabay
एसीडिटी की समस्या के बारे में समझिए 

अमर उजाला से बातचीत में गैस्ट्रोइंटस्टाइनल विशेषज्ञ डॉक्टर रमन भाटिया बताते हैं, एसिडिटी तब होती है जब पेट में गैस्ट्रिक ग्रंथियां एसिड का अधिक उत्पादन करने लगती है। एसिड भोजन के पाचन के लिए आवश्यक होता है और पेट में बनता रहता है, पर सामान्यतौर पर किडनी इसे शरीर से बाहर निकाल देती है। हालांकि जब इसका अधिक उत्पादन होने लगता है तो इसके कारण आपको पेट की कई दिक्कतें हो सकती हैं।

इसे सामान्य तौर पर कुछ घरेलू उपायों और एसिडिटी की दवाओं से ठीक किया जा सकता है, पर आपको अगर यह दिक्कत अक्सर बनी रहती है तो इस बारे में डॉक्टरी सलाह जरूरी हो जाता है।
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एसिडिटी से बचाव के लिए बदले भोजन की आदत - फोटो : iStock
एसिडिटी से बचाव के लिए क्या किया जाना चाहिए?

डॉक्टर रमन बताते हैं कुछ सामान्य सी बातों का अगर आप ध्यान रखते हैं तो एसिडिटी से बचाव किया जा सकता है। 
  1. एसिड रिफल्क्स पैदा करने वाले खाद्य पदार्थों से बचें: अधिक मसालेदार भोजन, कॉफी, कार्बोनेटेड पेय, अम्लीय और वसायुक्त भोजन न करें।
  2. भोजन को 4-5 छोटे भागों में बांट लें और 2-3 घंटे के अंतराल पर इसे खाएं ताकि प्रेशर और रिफ्लक्स से बचा जा सके।
  3. खाने के बाद तुरंत लेटें नहीं: खाने के बाद अपने बिस्तर पर जाने से एसिडिटी का जोखिम होता है। इसलिए सोने से कम से कम 2 घंटे पहले भोजन करें।
  4. वजन कम करें: अत्यधिक चर्बी, पेट के अंगों पर दबाव डालती है, जिससे गैस्ट्रिक जूस अन्नप्रणाली में चला जाता है। अधिक वजन वाले लोगों को एसिडिटी अधिक होती है।
  5. कुछ प्रकार की दवाओं से बचें: कुछ ओटीसी दवाएं भी एसिडिटी पैदा कर सकती हैं इसलिए बिना डॉक्टरी प्रिस्क्रिप्शन के दवाएं न लें। 
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एसिडिटी की समस्याओं से करें बचाव - फोटो : istock
कुछ घरेलू उपचार भी इसमें मददगार

एसिडिटी को दूर करने में कुछ घरेलू उपचार के माध्यम से भी लाभ मिल सकता है। यदि आपको एसिडिटी महसूस हो रही है तो इनको भी प्रयोग में ला सकते हैं। 
  • केला और सेब: केले में प्राकृतिक रूप से एंटासिड होता है जो एसिडिटी से लड़ता है और सोने से पहले सेब के कुछ स्लाइस खाने से सीने में जलन या रिफ्लक्स से राहत मिलती है।
  • नारियल पानी: नारियल पानी शरीर के लिए कई प्रकार से लाभकारी है। इसको पीने से शरीर का पीएच अम्लीय स्तर, अल्कलाइन में  बदल जाता है और यह पेट में म्यूकस पैदा करता है। म्यूकस पेट को अत्यधिक एसिड उत्पादन के गंभीर प्रभावों से बचाता है। इसके अलावा नारियल पानी में फाइबर की भी अधिकता होती है जो पेट के लिए बहुत फायदेमंद है। 
  • इसके अलावा रोजाना पर्याप्त नींद ले। कम से कम 7-8 घंटे की नींद आपके पेट के साथ संपूर्ण शरीर को स्वस्थ रखने में सहायक है। 

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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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