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SAD: कुछ परिस्थितियों में नर्वस होना सामान्य, पर अक्सर होने वाली इस समस्या का मतलब आपको है 'फोबिया'

Thu, 15 Jun 2023 05:58 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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नर्वसनेस की समस्या - फोटो : istock
नर्वस होना या घबराना एक सहज मानवीय प्रक्रिया है, जो परिस्थितजन्य हो सकती है। यानी कि विपरीत परिस्थितियों में इन समस्याओं का होना सामान्य है। परीक्षा को लेकर, बीमारी के इलाज या किसी और भावनात्मक स्थिति में नर्वसनेस होना आम है। कई बच्चों को नई लोगों से मिलने में भी घबराहट होती है जोकि बड़े होने पर ठीक भी हो जाती है। पर यह समस्या अलार्मिंग तब हो जाती है जब यह नर्वसनेस आपको अक्सर ही परेशान करने लग जाती है। 

रोजमर्रा की बातचीत या अपनी बात को रखने में डर लगने की समस्या, ऐसा लगना जैसे लोग हर बात पर आपको जज करेंगे, अगर आप इस तरह की समस्याओं से परेशान हैं तो ये एक प्रकार के मानसिक विकार का संकेत माना जाता है, इसे सोशल एंग्जाइटी डिसऑर्डर (एसएडी) या  सोशल फोबिया कहा जाता है। इस समस्या के कारण आपकी क्वालिटी ऑफ लाइफ पर भी नकारात्मक असर हो सकता है।

आइए सोशल फोबिया की इस समस्या के बारे में समझते हैं।
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सोशल एंग्जाइटी डिसऑर्डर की समस्या - फोटो : istock
सोशल एंग्जाइटी डिसऑर्डर के बारे में जानिए

सोशल एंग्जाइटी डिसऑर्डर एक क्रोनिक मानसिक स्वास्थ्य की समस्या हो सकती है, यह किसी को भी हो सकता है। सामान्य चिंता-घबराहट के विपरीत, एसएडी विकार में डर, चिंता और नकारात्मकता का जोखिम अधिक होता है। यह रिश्तों, दैनिक दिनचर्या, कामकाज, स्कूल या अन्य गतिविधियों में बाधा डाल सकती है। सोशल फोबिया  आम तौर पर मध्य-किशोरावस्था में शुरू होता है, हालांकि यह कभी-कभी छोटे बच्चों में भी हो सकता है। 
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घबराहट की समस्या - फोटो : Pixabay
सोशल एंग्जाइटी डिसऑर्डर के लक्षण

कुछ प्रकार की स्थितियां और संकेतों के माध्यम से इसका अंदाजा लगाया जा सकता है कि किसी को सोशल एंग्जाइटी डिसऑर्डर तो नहीं है। अगर ऐसे लक्षण दिख रहे हों तो इसे एक संकेत के तौर पर देखा जाना चाहिए।
  • उन स्थितियों से डरना जिनमें आपको नकारात्मक रूप से आंका जा सकता है।
  • अजनबियों के साथ बातचीत करने में डर लगना।
  • डर लगना कि दूसरे यह नोटिस करेंगे कि आप चिंतित दिख रहे हैं।
  • शारीरिक लक्षण- जैसे कि शरमाना, किसी को देखकर पसीना आना, कांपना या कर्कश आवाज होना।
  • शर्मिंदगी के डर से लोगों से बातें करने या बोलने से बचना।
  • उन स्थितियों से बचना जहां आप पर लोगों का ध्यान केंद्रित हो सकता है।

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एंग्जाइटी की समस्या - फोटो : Pixabay
सोशल एंग्जाइटी डिसऑर्डर क्यों होता है?

कई अन्य मानसिक स्वास्थ्य स्थितियों की तरह इस समस्या के लिए भी बायोलॉजिकल और पर्यावरणीय कारक जिम्मेदार हो सकते हैं। कुछ लोगों में एंग्जाइटी की यह समस्या आनुवांशिक हो सकती है। हालांकि, यह पूरी तरह से स्पष्ट नहीं है कि सोशल फोबिया में आनुवंशिकी की कितनी भूमिका है।

मस्तिष्क का हिस्सा-अमिगडाला डर की प्रतिक्रिया को नियंत्रित करने में भूमिका निभाती है। जिन लोगों में यह अति सक्रिय स्थिति में होता है उनमें डर की प्रतिक्रिया बढ़ सकती है।
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सोशल एंग्जाइटी डिसऑर्डर को कैसे दूर करें? - फोटो : iStock
सोशल एंग्जाइटी डिसऑर्डर का उपचार और बचाव

कई उपचार विकल्प सामाजिक चिंता की इस समस्या को ठीक करने में मदद कर सकते हैं। आपको मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ कुछ दवाइयां या थेरेपी की सलाह दे सकते हैं जिससे इन समस्याओं में आराम मिल जाता है। वैसे तो इस समस्या से बचाव को लेकर कोई खास उपाय नहीं है, पर इसके लक्षणों की सही पहचान और समय पर इलाज सहायक हो सकती है।

कुछ समय से आपमें बताए गए लक्षण दिख रहे हैं तो किसी मनोचिकित्सक की सहायता जरूर ले लें।

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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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