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Jaundice: पीलिया में चेहरा-आंखें हो जाती हैं पीली पर ये त्वचा की बीमारी नहीं, जानिए क्यों होती है ये समस्या

Sun, 10 Mar 2024 07:58 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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पीलिया होने के क्या कारण हैं? - फोटो : iStock
पीलिया (Jaundice) बहुत आम बीमारी है। ये रोग किसी को भी हो सकता है, हालांकि बच्चे इसके अधिक शिकार देखे जाते रहे हैं। पीलिया, जैसा नाम से ही स्पष्ट होता है, इस रोग के कारण चेहरे-आंखों और पेशाब के रंग पीला हो जाता है। इसके अलावा त्वचा में खुजली होने, भूख न लगने और उल्टी की दिक्कत भी हो सकती है। पीलिया के लक्षण मुख्यतौर पर त्वचा पर स्पष्ट नजर आते हैं पर क्या आप जानते हैं कि ये त्वचा की बीमारी नहीं है, ये लिवर की समस्या का संकेत है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, पीलिया वैसे तो किसी भी उम्र के व्यक्ति को हो सकती है, पर बच्चे और वयस्क इससे सबसे ज्यादा प्रभावित देखे जाते रहे हैं। अब आपके मन में भी सवाल आ रहा होगा कि जब इस रोग के स्पष्ट संकेत त्वचा पर दिखते हैं तो इसका लिवर से क्या संबंध हो सकता है?

आइए इस रोग के बारे में विस्तार से समझते हैं।
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आंखों में पीलेपन की समस्या - फोटो : iStock
पीलिया के बारे में जानिए

अमेरिकन फैमिली फिजिशियन (एएएफपी) के अनुसार, पीलिया की समस्या में त्वचा, श्लेष्म झिल्ली और आंखों का सफेद हिस्सा पीला हो जाता है, ऐसा तब होता है जब शरीर बिलीरुबिन नामक कंपाउंड को ठीक तरीके से संसाधित नहीं कर पाता है।

लाल रक्त कोशिकाओं के स्वाभाविक रूप से ब्रेक डाउन के स्थिति में  बिलीरुबिन उत्पादित होता है। आमतौर पर, लिवर इस अपशिष्ट पदार्थ को रक्तप्रवाह से फिल्टर करता रहा है। हालांकि जब शरीर में इसकी मात्रा इतनी अधिक हो जाती है कि लिवर के लिए इसे संसाधित करना कठिन हो जाता है तो आपको पीलिया की समस्या हो सकती है।
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लिवर की समस्या - फोटो : istock
बिलीरुबिन का अधिक उत्पादन बनता है कारण

स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, पीलिया आमतौर पर किसी ऐसे अंतर्निहित विकार के कारण होता है जो या तो बहुत अधिक बिलीरुबिन के उत्पादन का कारण बनती है या लिवर के लिए इसे फिल्टर करना कठिन बना देती है। पीलिया की कुछ संभावित अंतर्निहित स्थितियों के बारे में सभी लोगों को जानना जरूरी है। 

डॉक्टर बताते हैं,  कुछ प्रकार के दवाओं के दुष्प्रभाव, पित्त की पथरी, शराब के अधिक सेवन, पित्ताशय या अग्नाशय के कैंसर या फिर सिरोसिस-हेपेटाइटिस जैसे लिवर के रोगों के कारण भी आप पीलिया के शिकार हो सकते हैं। इससे स्पष्ट होता है कि पीलिया त्वचा की बीमारी नहीं है।

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लिवर की बीमारियों का खतरा - फोटो : iStock
त्वचा के अलावा इन लक्षणों पर भी दें ध्यान

पीलिया में त्वचा का रंग पीला होना सामान्य है पर इसके अलावा भी आपको कई प्रकार की दिक्कतें हो सकती है जिसपर गंभीरता से ध्यान देते रहने की आवश्यकता होती है। त्वचा में पीलेपन के साथ रोगी को थकान, पेट दर्द, वजन घटने, उल्टी-बुखार की दिक्कत भी होती रहती है। बिलीरुबिन का शरीर में स्तर अगर बहुत अधिक हो जाए तो इसके कारण टॉक्सिनेशन हो सकता है।

शिशुओं में ये स्थिति कर्निकटेरस नामक एक दुर्लभ प्रकार की मस्तिष्क क्षति का कारण भी बन सकती है।
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पीलिया के बारे में जानिए - फोटो : iStock
पीलिया से बचाव के लिए क्या करें?

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, कुछ बातों को ध्यान में रखकर पीलिया के खतरे को कम किया जा सकता है। साल 2021 के एक अध्ययन से पता चलता है कि धूम्रपान-शराब से परहेज करके पीलिया के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है। जीवनशैली में कई बदलाव करके भी लिवर को स्वस्थ रखने और पीलिया के जोखिमों को कम करने में मदद मिल सकती है। इसके लिए संतुलित आहार लेना, नियमित रूप से व्यायाम करना और दवाओं का सावधानीपूर्वक सेवन करना लाभकारी माना जाता है।


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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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