Diabetes Risk: विज्ञान ने खूब तरक्की कर ली है, लेकिन आज भी कई बीमारियां ऐसी हैं, जिनका इलाज पूरी तरह संभव नहीं है, डायबिटीज भी इन्हीं में से एक है। अंतरराष्ट्रीय मधुमेह महासंघ (आईडीएफ) के अनुसार, दुनियाभर में 82.8 करोड़ महिला-पुरुष डायबिटीज से पीड़ित हैं, जिनमें से एक चौथाई से अधिक भारत में हैं। इसके अलावा लगभग 25 मिलियन लोग प्री-डायबिटीज से पीड़ित हैं, यानी उनमें भविष्य में डायबिटीज होने का अधिक जोखिम है। लेकिन आप इसे रोक सकती हैं।
डॉक्टर कहते हैं, जब शरीर में इंसुलिन हार्मोन की कार्यप्रणाली कमजोर पड़ जाती है तो ग्लूकोज सही तरीके से कोशिकाओं में नहीं पहुंच पाता। इससे रक्त में शर्करा का स्तर धीरे-धीरे बढ़ने लगता है। यही स्थिति प्री-डायबिटीज कहलाती है। हालांकि प्री-डायबिटीज को अक्सर लोग गंभीरता से नहीं लेते, क्योंकि इसके लक्षण स्पष्ट नहीं दिखाई देते हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, इसपर ध्यान दे लिया जाए और समय रहते लाइफस्टाइल को ठीक कर लें तो डायबिटीज के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।