तंबाकू-धूम्रपान से बनाएं दूरी
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भारतीय आबादी में धूम्रपान एक बड़ा खतरा
भारत में तंबाकू का बोझ बहुत बड़ा है, यहां हर 10 में से 1 व्यक्ति तंबाकू-धूम्रपान से संबंधित बीमारियों के कारण समय से पहले मर जाता है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन के एनसीडी वैश्विक लक्ष्य के तहत भारत ने साल 2025 तक तंबाकू के उपयोग को 30 प्रतिशत तक कम करने का लक्ष्य रखा था। डॉ. सुनैना कहती हैं, धूम्रपान के विकल्प के रूप में निकोटीन पाउच के इस्तेमाल को बढ़ावा देने से भारत के इस लक्ष्य में भी सार्थक मदद मिल सकती है।
रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केंद्र (सीडीसी) के अनुसार, भारत में धूम्रपान छोड़ने की दर कम बनी हुई है। केवल लगभग 7 प्रतिशत धूम्रपान करने वाले ही बिना किसी सहायता के सफलतापूर्वक धूम्रपान छोड़ पाते हैं।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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