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इन माइक्रो- न्यूट्रिएंट्स की कमी दे सकती है बीमारियों को न्योता, हो जाएं सचेत

Mon, 14 Jun 2021 11:19 PM IST
तेजस्वी मेहता लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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मजबूत प्रतिरक्षा प्रणाली वाले लोग बेहतर तरीके से ठीक हुए हैं - फोटो : Social Media

Medically Reviewed by Dr. Ashok Jhingan

डॉ अशोक झिंगन 

एम.डी., चेयरमैन, देल्ही डायबिटीज रिसर्च सेंटर

डिग्री- एमबीबीएस - मौलाना आजाद कॉलेज

अनुभव- 35 वर्ष
 

कोविड -19 महामारी की दूसरी लहर ने निश्चित रूप से सभी को स्वास्थ्य प्राथमिकताओं पर पुनर्विचार करने पर मजबूर कर दिया है। फिलहाल भारत में विशेषज्ञ मजबूत प्रतिरक्षा बनाने की आवश्यकता पर जोर दे रहे हैं। कोविड -19 रोगियों पर केंद्रित अध्ययनों से पता चला है कि कम प्रतिरक्षा वाले लोगों की तुलना में मजबूत प्रतिरक्षा प्रणाली वाले लोग बेहतर तरीके से ठीक हुए हैं। फिलहाल टीकाकरण के अलावा आहार से जुड़ा सबसे महत्वपूर्ण और व्यापक तथ्य ये है कि उचित माइक्रो न्यूट्रिएंट्स से युक्त पौष्टिक आहार को अपने दैनिक भोजन में शामिल किया जाना चाहिए। अगली स्लाइड्स से आइए समझते हैं कि माइक्रो न्यूट्रिएंट्स हमारे समग्र स्वास्थ्य और कल्याण के लिए क्यों और कैसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं? 
 

 

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विटामिन ए, सी, और डी कुछ सबसे आवश्यक माइक्रो न्यूट्रिएंट्स हैं - फोटो : iStock

माइक्रो न्यूट्रिएंट्स क्या हैं?
माइक्रो न्यूट्रिएंट्स  ऐसे पोषक तत्व हैं, जिनकी आवश्यकता शरीर को कम मात्रा में होती है, फिर भी प्रतिरक्षा प्रणाली के प्रभावी कामकाज और समग्र स्वास्थ्य के लिए आवश्यक है. जिंक, विटामिन ए, सी और डी जैसे सूक्ष्म पोषक तत्व शरीर में एक विशिष्ट भूमिका निभाते हैं और बीमारियों से प्रभावी ढंग से लड़ते हैं। आमतौर पर विटामिन और खनिज जैसे जिंक, विटामिन ए, सी, और डी कुछ सबसे आवश्यक माइक्रो न्यूट्रिएंट्स हैं, जो किसी को हेल्दी बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण हैं। 

 


 

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जिंक, विटामिन ए, सी, और डी सबसे महत्वपूर्ण और निर्धारित आवश्यक तत्व हैं - फोटो : Social media

इस तरह माइक्रो न्यूट्रिएंट्स बनाते हैं इम्यूनिटी
माइक्रो न्यूट्रिएंट्स प्रतिरक्षा प्रणाली के प्रभावी कामकाज के लिए आवश्यक ऊर्जा और एक मजबूत आधार प्रदान करते हैं। ब्रिटिश मेडिकल जर्नल में हाल ही में किए गए एक अध्ययन में इस बात पर प्रकाश डाला गया है कि सूक्ष्म पोषक तत्व भी नोवल कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। जिंक, विटामिन ए, सी, और डी सबसे महत्वपूर्ण और निर्धारित आवश्यक तत्व हैं जो प्रतिरक्षा प्रणाली के प्रभावी कामकाज को सुनिश्चित करते हैं। 

 

 

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जिंक शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को न्यूट्रोफिल को मारने में मदद करती है - फोटो : iStock

जिंक का सेवन है जरूरी
विटामिन सी सदियों से एक शक्तिशाली एंटी-ऑक्सीडेंट के रूप में जाना जाता रहा है और मानव कोशिकाओं को फ्री रेडिकल्स के दुष्प्रभावों से बचाने के लिए जाना जाता है। बैक्टीरिया और वायरस जैसे संक्रामक एजेंट के लिए, जिंक युक्त खाद्य पदार्थ या सप्लीमेंट अनुकूल प्रतिरक्षा को बढ़ाने में मददगार साबित हुई है। अध्ययनों से यह भी पता चला है कि जिंक शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को न्यूट्रोफिल को मारने में मदद करती है।

 

 

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विटामिन डी की कमी से इम्यूनिटी कमजोर होती है - फोटो : Social media

इस विटामिन की कमी से होती है इम्यूनिटी कमजोर
चिकित्सकों द्वारा यह देखा गया है कि गंभीर कोविड पॉजिटिव रोगियों में आमतौर पर फेफड़ों में फाइब्रोसिस या कुछ मामलों में रक्त के थक्के बनने का मामला सामने आता है, जो सूजन का होता है। विटामिन सी में एंटी-इंफ्लामेटरी गुण पाए जाते है, जो प्रो-इंफ्लामेटरी साइटोकिन्स को कम करता है। विटामिन ए को कोविड -19 सहित सांस के संक्रमण से लड़ने में शरीर की मदद करने के लिए जाना जाता है। दूसरी ओर विटामिन डी की कमी से इम्यूनिटी कमजोर होती है, जिससे कोविड -19 का खतरा हो सकता है। विटामिन डी के सेवन से निमोनिया और वायरल संक्रमण के जोखिम को कम होते देखा गया है, जो कोविड -19 के महत्वपूर्ण लक्षणों में से एक है।

 

 

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पनीर और अंडे जैसे खाद्य पदार्थ विटामिन ए का एक अच्छा स्रोत है - फोटो : डेमो
इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए सही पोषण:
बहुत सारे लोगों को जिंक, विटामिन ए, सी और डी से भरपूर खाद्य पदार्थ अपनी रसोई में ही मिल जाते हैं। दूध, दही, पनीर और अंडे जैसे खाद्य पदार्थ विटामिन ए का एक अच्छा स्रोत है। इसी तरह, खट्टे फल और ब्रोकोली विटामिन सी के समृद्ध स्रोत हैं. जिंक युक्त खाद्य पदार्थों में सोयाबीन, दाल, काजू और छोले शामिल हैं।टीकाकरण और अन्य निवारक और उपचारात्मक उपायों के परिणाम दिखने में समय लगेगा, इस बीच एक स्वस्थ दिनचर्या का पालन करना और सही पोषण के माध्यम से अपनी आंतरिक प्रतिरक्षा के निर्माण पर ध्यान देना महत्वपूर्ण है।

अस्वीकरण- अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित अस्वीकरण- बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें। 

 
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