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सावधान: लंबे समय तक मास्क पहनने के कारण लोगों में बढ़ रही है यह समस्या, अध्ययन में विशेषज्ञों ने चेताया

Thu, 24 Jun 2021 11:34 AM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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सामने आ रहे हैं ज्यादा देर मास्क पहनने के दुष्प्रभाव (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Pixabay
कोरोना संक्रमण से सुरक्षा के लिए दुनियाभर के स्वास्थ्य विशेषज्ञ बचाव के उपायों को सख्ती से पालन करने पर जोर दे रहे हैं। बचाव के उपायों में अच्छे से मास्क पहनना, हाथों की स्वच्छता बनाए रखना और सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन करना शामिल है। इसमें भी विशेषज्ञ मास्क पहनने पर ज्यादा जोर दे रहे हैं। हालांकि मास्क पहनने को लेकर हुए हालिया अध्ययन में वैज्ञानिकों ने इससे जनित कुछ समस्याओं के बारे में भी लोगों को सचेत रहने को कहा है। हालिया अध्ययन में वैज्ञानिकों ने बताया है कि लगातार मास्क पहने रहने की आदत लोगों में सोशल एंग्जाइटी यानी घबराट-चिंता और अन्य मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकती है।  
हाल ही में हुए एक अध्ययन के निष्कर्ष में स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने पाया कि जिन लोगों को पहले से इस तरह की समस्याएं थी, कोरोना वायरस महामारी के दौरान और उसके बाद भी मास्क पहनने के कारण इसमें काफी इजाफा देखने को मिल रहा है। इस अध्ययन के बाद अब यह सवाल उठने लगे हैं कि, क्या लगातार मास्क पहने रहना सही नहीं है? सामान्यतौर पर लोगों को कितने समय तक इसे पहन कर रखना चाहिए?
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कोविड-19 से सुरक्षा के लिए मास्क पहनना जरूरी (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Pixabay
मास्क और सोशल एंग्जाइटी की समस्या
कनाडा स्थित वाटरलू विश्वविद्यालय के मनोविज्ञान विभाग और मानसिक स्वास्थ्य अनुसंधान और उपचार केंद्र के शोधकर्ताओं ने शोध के दौरान बताया है कि जिन लोगों को पहले से ही सोशल एंग्जाइटी की समस्या रही है, उन लोगों में महामारी और मास्क पहने रहने के कारण यह बढ़ गई है। यह अध्ययन एंजाइटी, स्ट्रेस एंड कोपिंग जर्नल में प्रकाशित हुआ है।
अध्ययन के  सह-लेखक और क्लीनिकल साइकोलॉजी के प्रोफेसर डेविड मोस्कोविच कहते हैं, 'कोविड-19 के प्रतिकूल प्रभावों के कारण लोगों में चिंता और अवसाद सहित तमाम मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं के मामले कई अध्ययनों में सामने आ चुके हैं। हालांकि हालिया अध्ययनों से यह भी स्पष्ट होता है कि लंबे समय तक मास्क पहने रहने का असर लोगों के सोशल इंटरेक्शन, सोशल एंग्जाइटी और मानसिक सेहत को भी प्रभावित कर सकता है।'
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मास्क ने बढ़ाई सोशल एंग्जाइटी की समस्या - फोटो : social media
क्या है सोशल एंग्जाइटी की समस्या?
सोशल एंग्जाइटी को सरल शब्दों में समझें तो इससे पीड़ित लोगों में नकारात्मक आत्म-धारणा और डर बन जाती है। इसे 'सोशल फोबिया' के नाम से भी जाना जाता है। उदाहरण के लिए समझें तो सामान्य तौर पर डेट पर जाने या प्रजिंटेशन देने से पहले पेट में तितलियों की अनुभूति हो सकती है। लेकिन सोशल एंग्जाइटी में लोगों को दूसरों से बातचीत करने में घबराहट और शर्मिंदगी महसूस होने लगती है। उन्हें ऐसा लगने लगता है कि दूसरे लोग उनको जज कर सकते हैं या उनकी बातों को नकारात्मक रूप में ले सकते हैं।

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नकारात्मक आत्म-धारणा है सोशल एंग्जाइटी - फोटो : Social media
महामारी के दौरान बढ़ी सोशल एंग्जाइटी की समस्या
प्रो. मोस्कोविच कहते हैं, 'यह भी संभव है कि बहुत से लोग जिन्हें महामारी से पहले सोशल एंग्जाइटी की समस्या नहीं रही हो, उनमें भी अब इसका गंभीर असर देखा जा सकता है। अध्ययन के एक अन्य लेखक सिडनी सैंट कहते हैं, 'अध्ययन में इस बात पर भी प्रकाश डाला गया है कि जिन लोगों को सोशल एंग्जाइटी की समस्या होती है उनके लिए कई सामाजिक स्थितियों को समझना कठिन हो जाता है और वह नकारात्मक रूप से इसकी व्याख्या भी कर सकते हैं।'
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मास्क पहनना जरूरी है - फोटो : Pixabay
कितने समय तक मास्क पहनना सही?
अध्ययन के निष्कर्ष में शोधकर्ताओं का कहना है कि चूंकि दुनियाभर में कोरोना महामारी फैली हुई है, ऐसे में इससे बचाव के लिए मास्क पहनना बहुत आवश्यक है, हालांकि जिन लोगों को सोशल एंग्जाइटी की समस्या का अनुभव होता हो, उन्हें इस बारे में मनोरोग विशेषज्ञ से बात करके सलाह जरूर लेनी चाहिए। इसके अलावा बहुत ज्यादा बाहर न निकलें, ऐसा करके भी मास्क पहने रहने की अवधि में कमी की जा सकती है। घर के भीतर या ऑफिस में भी सोशल डिस्टेंसिग बनाकर रखें, जिससे लगातार मास्क पहने रहने की आवश्यकता को कम किया जा सके। किसी भी तरह की मानसिक समस्या महसूस होने पर मनोरोग विशेषज्ञ से सलाह जरूर ले लें।

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स्रोत और संदर्भ: 
Effects of mask-wearing on social anxiety: an exploratory review

अस्वीकरण नोट: यह लेख 'एंजाइटी, स्ट्रेस एंड कोपिंग' जर्नल में प्रकाशित अध्ययन के निष्कर्ष  के आधार पर तैयार किया गया है। लेख में शामिल सूचना व तथ्य आपकी जागरूकता और जानकारी बढ़ाने के लिए साझा किए गए हैं। बीमारी के बारे में विस्तार से जानने के लिए किसी डॉक्टर से संपर्क कर सकते हैं।
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