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गीला और गंदा मास्क पहनने से कोरोना मरीजों को हो सकता है ब्लैक फंगस, जानिए क्या कहते हैं विशेषज्ञ 

Wed, 12 May 2021 08:49 AM IST
तेजस्वी मेहता लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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ब्लैक फंगस होने के कई सारे कारण हो सकते हैं - फोटो : Social Media

Medically reviewed by Dr. Dilip Singh Chawda

डॉ दिलीप सिंह चावड़ा, चेस्ट स्पेशलिस्ट

असिस्टेंट प्रोफेसर, एमजीएम मेडिकल कॉलेज एंड एमवाय ग्रुप

डिग्री- एम.बी.बी.एस, डी.टी.सी.डी, डी.एन.बी

अनुभव- 7 वर्ष
इन दिनों कोरोना से पीड़ित मरीजों में ब्लैक फंगस के लक्षण दिखाई दे रहे हैं। कोरोना की पहली लहर में जहां ऐसा कोई मामला नहीं था, वहीं दूसरी लहर में पिछले कुछ दिनों में यह मामले अचानक सामने आए। जहां कोरोना से पीड़ित मरीज पहले ही लक्षणों से परेशान रहता है, ऐसे में ब्लैक फंगस हो जाने पर मरीज की परेशानियां और भी बढ़ जाती हैं। ब्लैक फंगस होने के कई सारे कारण हो सकते हैं। जिसमें कि कुछ कारण बहुत ही सामान्य हैं जिनपर कि मरीज अक्सर ध्यान तक दे नहीं पाते हैं। अगली स्लाइड्स से जानिए ब्लैक फंगस के लक्षण, कारण और इससे जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी।  

 

 

 

 
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बीमारी से लड़ना मुश्किल होता जाता है - फोटो : Pixabay

डायबिटीज के मरीजों को अधिक है खतरा 
ब्लैक फंगस का खतरा मधुमेह के मरीजों को अधिक है। डॉ दिलीप चावड़ा बताते हैं कि वे पिछले दिनों में 5 से 6 मामले देख चुके हैं। जो मरीज साफ-सफाई का ध्यान नहीं रखते। गंदा या गीला मास्क लगाते हैं, उन्हें भी इस बीमारी का खतरा अधिक है। कोरोना के साथ ब्लैक फंगस हो जाने पर मरीज का शरीर और भी खराब हो जाता है और ऐसे में उसके लिए बीमारी से लड़ना मुश्किल होता जाता है। 

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इसका उपचार समय और धीरज दोनों लेता है - फोटो : Pixabay

एंटी फंगल से होता है उपचार
ब्लैक फंगस होने पर मरीज की आंखों में जलन, लालपन, आंखों का बाहर की ओर निकल जाना, देखने की क्षमता में अंदर आदि लक्षण देखे जाते हैं। कई बार तो मरीज खुद समझ नहींं पाता है कि उसे क्या हो रहा है। ब्लैक फंगस के उपचार के लिए चिकित्सक एंपो- टिसिन बी और अन्य एंटी फंगल दिये जाते हैं। इसका उपचार समय और धीरज दोनों लेता है और इसमें अलग-अलग विशेषज्ञों की राय ली जाती है। 

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अपने नाक और गले को साफ रखें। - फोटो : social media

कोरोना के मरीज इन बातों के प्रति रहें सावधान
डॉ चावड़ा बताते हैं कि कोरोना के मरीज कुछ बातों का ध्यान यदि रख लें तो ब्लैक फंगस होने की संभावना कम हो जाती है। अपने नाक और गले को साफ रखें। गंदा मास्क या गंदा कपड़ा आदि का नाक पर इस्तेमाल न करें। मास्क को धूप में सूखाकर फिर ही पहनें ताकि उसकी नमी ठीक तरह से चली जाए। शुगर को कंट्रोल में रखें और अपने आसपास या जिस जगह आप आइसोलेट हुए हैं वहां भी सफाई का ध्यान रखना बहुत जरूरी है। 

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मरीज के परिजन भी इस विषय में चिकित्सक से बात करते रहें - फोटो : social media

स्टेरॉयड लेने वाले रखें विशेष ख्याल
यदि आपको कोरोना के ट्रीटमेंट में स्टेरॉयड दिया जा रहा है तब तो आपको ध्यान रखना और भी ज्यादा जरूरी है कि क्योंकि ब्लैक फंगस होने की संभावनाएं उन मरीजों में अधिक बन रही है जिन्हें स्वस्थ होने के लिए स्टेरॉयड दिया जा रहा है। चिकित्सक तो इस बात का ध्यान रख ही रहे हैं पर बहुत जरूरी है कि मरीज के परिजन भी इस विषय में चिकित्सक से बात करते रहें। 

 

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एंटी-बायोटिक्स को बढ़ाना पड़ जाता है - फोटो : पिक्साबे
लंबे समय तक चलता है इलाज 
कोरोना के दौरान यदि आपको ब्लैक फंगस हो गया है तो उपचार की अवधि बढ़ जाती है, एंटी-बायोटिक्स को बढ़ाना पड़ जाता है। कम से कम चार हफ्ते के लिए एंटी- फंगल दवाएं तो मरीज को दी जाती ही है और बाद में लंबे समय तक मरीज को इलाज जारी रखना होता है। बुजुर्गों में भी इसके होना की संभावना अधिक हो जाती है इसलिए उनका विशेष ध्यान रखना चाहिए। 

नोट- यह लेख एमजीएम मेडिकल कॉलेज एंड एमवाय ग्रुप के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉक्टर दिलीप सिंह चावड़ा से बातचीत के आधार पर तैयार किया गया है। डॉक्टर दिलीप सिंह चावड़ा पिछले सात सालों से प्रैक्टिस कर रहे हैं। उन्होंने अपनी डिग्री एमजीएम मेडिकल कॉलेज, इंदौर से ली है।
अस्वीकरण- अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित अस्वीकरण- बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।



 
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