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सावधान: डायट्री सप्लीमेंट्स पोषण का स्वस्थ विकल्प नहीं, इससे कैंसर तक का खतरा, अध्ययनकर्ताओं ने चेताया

Thu, 17 Nov 2022 04:56 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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डायट्री सप्लीमेंट्स से होने वाले नुकसान - फोटो : iStock
शरीर के अंगों को बेहतर तरीके से काम करते रहने के लिए नियमित रूप से कई प्रकार के पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है। आमतौर पर स्वस्थ भोजन के माध्यम से इसकी आसानी से पूर्ति की जा सकती है, हालांकि विटामिन्स और खनिजों की कमी के कारण कई प्रकार की स्वास्थ्य समस्याओं के विकसित होने का जोखिम देखा गया है, ऐसी स्थिति में पोषक तत्वों की पूर्ति के लिए डायट्री सप्लीमेंट्स के सेवन की सलाह दी जाती है। हालांकि अध्ययनों में पाया गया है कि इस प्रकार के सप्लीमेंट्स को स्वस्थ विकल्प नहीं माना जा सकता है, सप्लीमेंट्स का अधिक सेवन कैंसर जैसी बीमारियों के खतरे को भी बढ़ा सकता है।

कोलंबिया स्थित, यूनिवर्सिटी ऑफ मैसोरी के शोधकर्ताओं ने अपने हालिया अध्ययन में पाया कि निकोटिनमाइड राइबोसाइड (एनआर) जैसे विटामिन बी3 के आहार पूरक शरीर को कई प्रकार से क्षति पहुंचा सकते हैं। इससे कुछ प्रतिभागियों में कैंसर के विकास सहित कई गंभीर बीमारियों का जोखिम बढ़ा हुआ देखा गया है।

शोधकर्ताओं का कहना है कि शरीर के लिए जरूरी विटामिन्स की पूर्ति के लिए आहार पर ध्यान देना चाहिए, डायट्री सप्लीमेंट्स इसका स्वस्थ विकल्प नहीं हो सकते हैं। इस तरह के सप्लीमेंट्स का सेवन तभी करें जब डॉक्टर इसकी सलाह दें। आइए इस अध्ययन के बारे में आगे विस्तार से जानते हैं। 
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सप्लीमेंट्स से शरीर को होने वाले नुकसान - फोटो : istock
सप्लीमेंट्स के अधिक सेवन से नुकसान

विश्वविद्यालय में रसायन शास्त्र के एसोसिएट प्रोफेसर एलेना गौन के नेतृत्व में शोधकर्ताओं की टीम ने यह अध्ययन किया। इसमें पाया गया है कि एनआर की अधिकता न केवल  ट्रिपल-नेगेटिव ब्रेस्ट कैंसर के विकास के जोखिम को बढ़ा देती है, बल्कि कैंसर के मस्तिष्क तक में भी फैलने का खतरा हो सकता है। इस तरह की स्थिति घातक भी हो सकती है, जिसके खतरे को लेकर विशेष अलर्ट रहने की आवश्यकता होती है। सभी लोगों को आहार पूरकों के कारण होने वाले जोखिमों को लेकर सावधानी बरतने की आवश्यकता है।
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विटामिन सप्लीमेंट्स का सेवन स्वस्थ विकल्प नहीं - फोटो : iStock
अध्ययन में क्या पता चला?

प्रोफेसर गौन के पिता की मृत्यु कोलन कैंसर का निदान होने के तीन महीने के भीतर हो गई थी। वह भी निकोटिनमाइड राइबोसाइड (एनआर) जैसे विटामिन सप्लीमेंट्स का सेवन कर रहे थे।  कैंसर के विकास और प्रसार में एनआर की भूमिका की जांच के उद्देश्य के साथ यह अध्ययन किया गया।

कई स्तर पर किए गए जांच के बाद प्राप्त परिणाम के आधार पर शोधकर्ता बताते हैं, जिन लोगों को पहले से ही किसी प्रकार की स्वास्थ्य समस्या है ऐसे लोगों में एनआर जैसे पूरकों के संभावित दुष्प्रभावों का खतरा अधिक हो सकता है। डॉक्टर्स को भी इसके जोखिमों के बारे में विशेष सावधानी बरतते रहने की जरूरत है। 

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खुद से ही सप्लीमेंट्स का सेवन शुरू न करें - फोटो : Pixabay
क्या है विशेषज्ञों की सलाह?

अध्यनकर्ता प्रोफेसर गौन कहते हैं, अक्सर ज्यादातर लोग खुद से ही सप्लीमेंट्स का सेवन शुरू कर देते हैं, लोगों का मानना होता है कि विटामिन्स और पूरक कैप्सूल्स का सेवन करके वह शरीर को स्वस्थ रख सकते हैं पर असल में इसके दुष्प्रभावों को लेकर चर्चा की ही नहीं जाती है। सप्लीमेंट्स शरीर में किस प्रकार से काम करते हैं इनपर भी चर्चा नहीं होती है। इस अध्ययन में इससे होने वाले कई प्रकार के जोखिमों के बारे में जानने को मिलता है। 
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सप्लीमेंट्स से पहले डॉक्टर की सलाह लें - फोटो : istock
इन बातों का रखें विशेष ख्याल

काउंसिल फॉर रिस्पॉन्सिबल न्यूट्रिशन में वैज्ञानिक एंड्रयू शाओ कहते हैं, यदि आप एक सामान्य मल्टीविटामिन ले रहे हैं, तो इससे ज्यादा घबराने की आवश्यकता नहीं है। हालांकि आहार पूरकों के बारे में हमेशा अपने डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें। जरूरी नहीं है कि जो सप्लीमेंट किसी व्यक्ति के लिए फायदेमंद हो, उससे आपको भी लाभ मिले। खुद से ही सप्लीमेंट्स का सेवन न करें, इसके दुष्प्रभावों के बारे में अलर्ट रहना बहुत आवश्यक माना जाता है। 



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स्रोत और संदर्भ

A bioluminescent-based probe for in vivo non-invasive monitoring of nicotinamide riboside uptake reveals a link between metastasis and NAD+ metabolism

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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