शरीर के पोषण और विकास के लिए कई प्रकार के पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है। विटामिन-डी ऐसा ही एक पोषक तत्व है जिसे स्वास्थ्य विशेषज्ञ शरीर के लिए बेहद आवश्यक मानते हैं। विटामिन-डी की कमी शरीर के लिए कई गंभीर समस्याओं का कारक बन सकती है। कई गंभीर बीमारियों के रोगियों को ठीक करने में भी यह विटामिन काफी सहायक माना जाता है, हाल ही में कोरोना संक्रमण के दौरान भी लोगों को विटामिन-डी के सेवन की सलाह दी जा रही थी। इसी तरह से जिन रोगियों को इरिटेबल बाउल सिंड्रोम (आईबीएस) की समस्या होती है, उन्हें भी डॉक्टर सप्लीमेंट के तौर पर विटामिन-डी के सेवन की सलाह देते हैं।
इसी संबंध में हाल ही में हुए एक अध्ययन में वैज्ञानिकों ने पाया है कि आईबीएस की समस्या में विटामिन-डी सप्लीमेंट का कोई लाभ नहीं होता है। इरिटेबल बाउल सिंड्रोम बड़ी आंत (कोलन) में होने वाली समस्या है। इसमें रोगियों को पेट में ऐंठन और दर्द के साथ सूजन, गैस, दस्त और कब्ज की दिक्कत लंबे समय तक बनी रह सकती है। अब तक आईबीएस के उपचार में दवाइयों के साथ रोगियों को विटामिन-डी सप्लीमेंट दिए जाते रहे हैं।
आइए आगे की स्लाइडों में जानते हैं कि आईबीएस में विटामिन-डी सप्लीमेंट को किस आधार पर अप्रभावी बताया जा रहा है।