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Feet Pain: आपके पैर देते हैं शरीर में विटामिन-डी और बी-12 की कमी की गवाही, जानिए कैसे करें पहचान

Fri, 19 Jun 2026 06:28 PM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

यदि पैरों की मांसपेशियां बिना वजह दुखने लगें, हड्डियों में दर्द महसूस हो या संतुलन बिगड़ने लगे, तो इसके पीछे विटामिन-डी, विटामिन-बी12, आयरन, मैग्नीशियम या पोटैशियम जैसे पोषक तत्वों की कमी छिपी हो सकती है। 
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एड़ियों में दर्द की समस्या - फोटो : Amarujala.com/AI
क्या हर सुबह बिस्तर से उठते ही जमीन पर पहला कदम रखना आपको भयंकर दर्द देता है? एड़ी में दर्द, तलवों में जलन, बार-बार ऐंठन, झुनझुनी की समस्या बनी रहती है? ये सिर्फ थकान के संकेत नहीं हैं, पैरों और एड़ियों में होने वाला दर्द शरीर में गंभीर समस्याओं की ओर संकेत देते हैं।

डॉक्टर कहते हैं कि हमारा शरीर लगातार हमसे बात करता है, बस हमें उसकी भाषा समझने की जरूरत है। यदि एड़ियों में दर्द बना रहता है, पैरों की मांसपेशियां बिना वजह दुखती रहती हैं, हड्डियों में दर्द रहता है, तो कई बार इसकी वजह विटामिन्स, पोषक तत्वों की कमी और कई बीमारियां भी हो सकती हैं। 

आमतौर पर लोग इन लक्षणों को उम्र बढ़ने, ज्यादा चलने या सामान्य थकान समझकर टालते रहते हैं। यही दिक्कतें आगे चलकर गंभीर समस्याओं में बदल सकती हैं। आइए जान लेते हैं कि पैरों में होने वाली ये समस्याएं किस तरफ इशारा करती हैं?
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एड़ियों में दर्द की समस्या - फोटो : Adobe stock
डॉक्टर कहते हैं, शरीर में पोषक तत्वों की कमी का हमारे पैरों-ए़ड़ियों पर भी सीधा असर होता है। अगली बार जब भी आपके पैरों में कोई असामान्य संकेत या दर्द हो तो उन्हें हल्के में लेने की गलती न करें। 

एड़ियों में लगातार दर्द रहता है?

पिंडलियों या एड़ियों में लगातार असहजता या दर्द की समस्या बनी रहती है तो ये विटामिन-डी की कमी का संकेत हो सकता है।
 
  • विटामिन-डी शरीर में कैल्शियम और फॉस्फोरस के अवशोषण के लिए आवश्यक है, जिससे हड्डियां और मांसपेशियां मजबूत रहती हैं। 
  • इसकी कमी होने पर पैरों और टांगों की मांसपेशियों में कमजोरी, बार-बार दर्द, सीढ़ियां चढ़ने में कठिनाई और हड्डियों में गहरा दर्द महसूस हो सकता है। 
  • इसकी गंभीर कमी से मांसपेशियों की कार्यक्षमता भी प्रभावित हो सकती है।
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विटामिन बी-12 की कमी - फोटो : Adobe Stock
विटामिन-बी12 की कमी के लक्षण

विटामिन-डी नसों के स्वास्थ्य और लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण के लिए बेहद जरूरी है। पैरों की समस्याओं से इसकी कमी को भी पहचाना जा सकता है। 
 
  • विटामिन-डी की कमी आपकी नसों को प्रभावित करती है।
  • इससे पैरों में झुनझुनी, सुन्नपन, सुई चुभने जैसा एहसास या जलन जैसे लक्षण हो सकते हैं। 
  • शाकाहारी लोगों, बुजुर्गों और कुछ पाचन संबंधी बीमारियों के शिकार लोगों में इसकी कमी का खतरा अधिक हो सकता है।

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पैरों-एड़ियों में आयरन की कमी के संकेत - फोटो : Adobe Stock
पैरों में थकान और कमजोरी रहती है?

क्या थोड़ी दूर चलते ही आपको भी गंभीर थकान हो जाती है? ये शरीर में आयरन की कमी का संकेत हो सकता है। 
 
  • आयरन की कमी से एनीमिया की समस्या होती है, जिससे शरीर के ऊतकों तक ऑक्सीजन कम पहुंचती है। 
  • इसके कारण पैरों में जल्दी थकान, कमजोरी और भारीपन महसूस हो सकता है। 
  • कुछ लोगों में आयरन की कमी रेस्टलेस लेग सिंड्रोम का खतरा भी बढ़ा देती है। हालांकि हर रेस्टलेस लेग सिंड्रोम का कारण आयरन की कमी नहीं होता।
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एड़ियों में होने वाली समस्याएं - फोटो : Freepik.com
इन पोषक तत्वों की कमियों को भी जानिए
 
  • मैग्नीशियम मांसपेशियों और नसों के सामान्य कार्य के लिए जरूरी खनिज है। इसकी कमी होने पर पैरों में मांसपेशियों की ऐंठन, रात में बार-बार क्रैम्प और कमजोरी महसूस हो सकती है। 
  • पोटैशियम शरीर में मांसपेशियों और तंत्रिकाओं के सामान्य कामकाज के लिए आवश्यक इलेक्ट्रोलाइट है। इसकी कमी होने पर पैरों में मांसपेशियों की कमजोरी, ऐंठन, थकान और कभी-कभी चलने में कठिनाई महसूस हो सकती है।
  • यदि पैरों में झुनझुनी, सुन्नपन, लगातार दर्द, कमजोरी, बार-बार ऐंठन कई दिनों तक बनी रहे, तो समय रहते डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।


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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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