लाइफस्टाइल और आहार में गड़बड़ी के साथ आनुवांशिक और पर्यावरणीय परिस्थितयां मिलकर सेहत पर गंभीर असर डाल रही हैं। इसका प्रजनन स्वास्थ्य पर भी सीधा असर देखा जा रहा है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की रिपोर्ट के मुताबिक दुनियाभर में लगभग हर 6 में से 1 व्यक्ति बांझपन से प्रभावित है। इनमें से लगभग 50% मामलों में पुरुष पार्टनर मुख्य कारण माने जाते हैं।
कई दंपति वर्षों तक संतान प्राप्त करने के लिए कोशिश करते रहते हैं, लेकिन जांच के बाद पता चलता है कि समस्या सिर्फ महिलाओं में ही नहीं, बल्कि पुरुषों में भी हो सकती है। कमजोर स्पर्म, लो स्पर्म काउंट, शुक्राणुओं की गतिशीलता या उनके डीएनए में गड़बड़ी जैसी समस्याएं अब पहले की तुलना में ज्यादा सामने आ रही हैं। डॉक्टर इसके पीछे तनाव, मोटापा, धूम्रपान, शराब, प्रदूषण और खराब जीवनशैली जैसे कारणों को जिम्मेदार मानते हैं।
इस तरह की समस्याओं के शिकार पुरुषों के लिए अच्छी खबर है। ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (एम्स) दिल्ली के विशेषज्ञों ने एक रिपोर्ट में इसका बेहतर समाधान बताया है।