बच्चों में हिंसक व्यवहार की वजह
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गेम न खेलने वाले बच्चों में आक्रामक व्यवहार की वजह
कई मामलों में जिन बच्चों में वीडियो गेम की आदत नहीं होती है, वह भी हिंसक और गुस्सैल हो जाते हैं। इसके पीछे की वजह बताते हुए प्रोफेसर पिलानिया ने कहा कि दो तरह का गुस्सा होता है- कई बार बच्चे अपने गुस्से को दबाकर रखते हैं, तो कुछ बच्चे एक्सप्रेसिव होते हैं, जिनका गुस्सा नजर आ जाता है। जो बच्चे इंटरनलाइजिंग डिसऑर्डर से पीड़ित होते हैं, वह अपनी भावनाएं बता नहीं पाते। फ्रस्टेशन कंट्रोल करते रहते हैं, इसकी वजह पेरेंटिंग होती है। जैसे बच्चे को अभिभावक डांटते न हो लेकिन अचानक से कभी बहुत ज्यादा डांट देते हैं, तो बच्चा उनकी डांट को सहन नहीं कर पाता है। वहीं जहां प्रोटेक्टिव पेरेंटिंग ज्यादा होती है, वहां भी इस तरह के मामले देखने में आते हैं कि बच्चे की जिद हमेशा पूरी करते हैं, कभी डांटते नहीं लेकिन अगर उन्हें माता पिता ने या फिर स्कूल में टीचर ने डांट दिया तो वह उसे बर्दाश्त नहीं कर पाते। ऐसे में बच्चे खुद को नुकसान पहुंचाते हैं या सामने वाले पर आक्रामक हो जाते हैं।