फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Fact Check: क्या पीरियड्स के दौरान नहीं लगवानी चाहिए वैक्सीन? जानिए विशेषज्ञ की राय

Tue, 25 May 2021 05:53 PM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 5
पीरियड्स और वैक्सीनेशन - फोटो : pixabay
कोरोना वायरस की दूसरी लहर का बुरा असर देश के लगभग सभी राज्यों में देखने को मिल रहा है। पिछले एक हफ्ते से रोजाना संक्रमितों के आंकड़ों में सुधार तो है लेकिन मौत की संख्या अब भी चिंता का कारण बनी हुई है। इस बीच तीसरी लहर को लेकर भी कयास लगने शुरू हो गए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि वैक्सीनेशन के प्रभाव के चलते उम्मीद की जा रही है कि कोरोना की तीसरी लहर का असर ज्यादा गंभीर न हो। सरकार एक तरफ जहां टीकाकरण पर जोर दे रही है, वहीं दूसरी तरफ वैक्सीनेशन को लेकर लोगों के मन में तमाम तरह के भ्रम भी हैं।
आइए पीरियड्स और वैक्सीनेशन को लेकर सोशल मीडिया पर वायरल ऐसे ही एक पोस्ट की सच्चाई जानते हैं।
विज्ञापन

2 of 5
मासिक धर्म के समय वैक्सीनेशन - फोटो : Social media
क्या है वायरल पोस्ट
सोशल मीडिया पर कोविड वैक्सीनेशन को लेकर वायरल पोस्ट में कहा जा रहा है कि पीरियड्स के समय कोरोना की वैक्सीन नहीं लगवानी चाहिए। इस समय में टीकाकरण कराना आध्यात्मिक और शारीरिक, दोनों ही तरह से अच्छा नहीं है। पीरियड्स के समय टीकाकरण का असर प्रजनन क्षमता को भी प्रभावित कर सकता है।
विज्ञापन

3 of 5
वैक्सीनेशन पूरी तरह से सुरक्षित - फोटो : Social media
क्या वास्तव में ऐसा है?
महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने ट्वीट के माध्यम से इस वायरल खबर का खंडन करते हुए लोगों को जागरूक किया है। ट्वीट में बताया गया है कि यह दावा फर्ज़ी है। कोविड वैक्सीन को पीरियड्स के समय में भी बिना झिझक के लगवाया जा सकता है। मासिक धर्म और वैक्सीन के दुष्प्रभावों का काई संबंध नहीं है। स्मार्ट बनें और टीकाकरण जरूर कराएं।

4 of 5
स्तनपान कराने वाली महिलाएं भी करा सकती हैं वैक्सीनेशन - फोटो : Social media
स्तनपान कराने वाली महिलाएं भी करा सकती हैं टीकाकरण
भारत सराकर ने अब स्तनपान कराने वाली महिलाओं को टीकाकरण कराने की अनुमति दे दी है। इससे पहले शुरुआत में गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को कोरोना वायरस टीकाकरण कार्यक्रम से बाहर रखा गया था। सरकार द्वारा जारी दिशानिर्देशों में कहा गया था कि चूंकि ऐसी महिलाओं पर टीके का परीक्षण नहीं हुआ है, ऐसे में वैक्सीन के बाद सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कोई साक्ष्य उपलब्ध नहीं हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
टीके को लेकर भ्रांतियां न फैलाए - फोटो : pixabay
तीसरी लहर से बचने के लिए टीकाकरण जरूरी
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक देश में टीकाकरण के अभियान पर जोर दिया जा रहा है। इस बीच तीसरी लहर को लेकर भी दावे किए जा रहे हैं। यदि कोरोना की तीसरी लहर आती है तो उम्मीद की जा रही है कि इसका असर ज्यादा नहीं होना चाहिए, क्योंकि तब तक देश की बड़ी आबादी का टीकाकरण हो चुका होगा।

-----------------
नोट: यह लेख महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा किए गए फैक्ट चेक ट्वीट के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें