फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Covid-19: जिनका टीकाकरण नहीं हुआ है, वह वैक्सीनेटेड लोगों की भी बढ़ा सकते हैं मुश्किलें, विशेषज्ञों ने किया सावधान

Mon, 25 Apr 2022 05:39 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 5
वैक्सीन सभी लोगों के लिए आवश्यक - फोटो : Pixabay
कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामले वैश्विक स्तर पर बड़ी चिंता का कारण बने हुए हैं। शोध से पता चलता है कि ओमिक्रॉन और इसके सब-वैरिएंट की संक्रामकता दर काफी अधिक है जिसके कारण लोगों के संक्रमित होने का जोखिम काफी बढ़ गया है। ओमिक्रन वैरिएंट्स के कारण वैसे तो गंभीर संक्रमण के मामले देखने को नहीं मिल रहे हैं, हालांकि यह काफी तेजी से आबादी के बीच संक्रमण का कारण जरूर बन सकता है। शोधकर्ताओं का कहना है कि जिन लोगों का टीकाकरण हो चुका है, उनमें गंभीर रोग और संक्रमण के कारण मृत्यु का जोखिम कम होता है, इसलिए सभी लोगों को जल्द से जल्द टीके की दोनों डोज जरूर ले लेनी चाहिए।

इस बीच हाल ही में हुए एक शोध में वैज्ञानिकों ने टीकाकरण की आवश्यकताओं पर विशेष जोर देते हुए कहा है कि वैक्सीनेशन सिर्फ गंभीर रोग से बचाने के लिए ही नहीं, संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए भी बहुत आवश्यक है। जिन लोगों का टीकाकरण नहीं हुआ है उनमें न सिर्फ संक्रमण की स्थिति में अस्पताल में भर्ती होने का जोखिम अधिक होता है, साथ ही यह अन्य लोगों के लिए भी वह संक्रमण का खतरा बढ़ा सकते हैं। आइए इस अध्ययन के बारे में विस्तार से जानते हैं।
विज्ञापन

2 of 5
कोरोना टीकाकरण आवश्यक - फोटो : पीटीआई
जिनका टीकाकरण नहीं हुआ वह दूसरों की बढ़ा सकते हैं मुश्किलें

कैनेडियन मेडिकल एसोसिएशन जर्नल में प्रकाशित इस अध्ययन में वैज्ञानिकों ने बताया कि अगर किसी आबादी में ज्यादातर लोगों का टीकाकरण नहीं हुआ है, तो ऐसे लोग उन लोगों के लिए भी मुश्किलें खड़ी कर सकते हैं जो पहले से वैक्सीन की दोनों डोज ले चुके हैं। शोध में वैज्ञानिकों ने पाया कि गैर टीकाकृत लोग, वैक्सीनेटेड लोगों के लिए समस्या पैदा कर सकते हैं। इस खतरे को ध्यान में रखते हुए सभी लोगों को टीकाकरण जरूर कराना चाहिए।
विज्ञापन

3 of 5
कोरोना वायरस की गंभीरता और संक्रामकता - फोटो : Pixabay
अध्ययन में क्या पता चला?

कनाडा स्थित टोरंटो विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने कोरोनावायरस की गंभीरता और संक्रामकता के जोखिम को जानने के लिए गैर-टीकाकृत और टीकाकरण वाले लोगों के बीच एक सैंपल मॉडल टेस्टिंग किया। इसमें कुछ समय के लिए वैक्सीन की दोनों डोज ले चुके लोगों को बिना टीकाकरण वाले लोगों के साथ रखा गया। इस शोध में यह जानने की कोशिश की गई कि जिनका टीकाकरण नहीं हुआ है, अगर वह संक्रमित हो जाते हैं तो उनसे दूसरे लोगों को संक्रमण का कितना खतरा हो सकता है?

4 of 5
बिना वैक्सीनेशन वाले लोग होते हैं खतरा - फोटो : pixabay
क्या कहते हैं शोधकर्ता?

शोध के बारे में टोरंटो विश्वविद्यालय में डेला लान स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ के प्रोफेसर डेविड फिसमैन बताते हैं, इस अध्ययन से पता चलता है कि अगर आपने वैक्सीन की दोनों डोज ले ली है, पर आपके आसपास के लोगों को टीकाकरण नहीं हुआ है तो आपमें संक्रमण का खतरा हो सकता है।

यह मॉडल अध्ययन इस बात की ओर भी इशारा करता है कि जिन स्थानों पर टीकाकरण की दर अधिक है, अगर वहां थोड़ी भी संख्या में बिना वैक्सीनेशन के लोग रहते हैं तो इससे टीकाकृत लोगों में भी खतरा हो सकता है। यह शोध इस बात पर जोर देता है कि आबादी में संक्रमण के खतरे को कम करने के लिए सभी लोगों के टीकाकरण के लक्ष्य पर काम करना होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
कोरोना के नए वैरिएंट्स से बचाएगी वैक्सीन - फोटो : PTI
अध्ययन का निष्कर्ष?

अध्ययन के निष्कर्ष में शोधकर्ताओं का कहना है कि टीकाकरण, आपकी सुरक्षा के साथ समाज को कोरोना के खतरे से बचाने के लिए भी आवश्यक है। वैश्विक स्तर पर जारी कोरोना महामारी को तभी रोका जा सकता है जब सभी लोगों का टीकाकरण किया जाए। इस आवश्यकता को समझते हुए टीकाकरण नीति तैयार करने के बारे में विचार किया जाना चाहिए, जिसमें सभी लोगों के वैक्सीनेशन पर जोर दिया जाए।

कोरोना के नए वैरिएंट्स से भी होने वाले जोखिम को कम करने में टीकाकरण को प्रभावी पाया गया है, वैक्सीनेशन पर जोर देकर ही महामारी की रोकथाम की कल्पना की जा सकती है। 


---------------
स्रोत और संदर्भ
Impact of population mixing between vaccinated and unvaccinated subpopulations on infectious disease dynamics: implications for SARS-CoV-2 transmission


अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें