कैंसर की दवाएं होंगी सस्ती
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कम होगा इलाज पर खर्च
बजट के दौरान वित्त मंत्री ने कहा, भारत में डायबिटीज, कैंसर और ऑटो-इम्यून बीमारियों जैसी नॉन कम्युनिकेबल डिजीज का बोझ बढ़ रहा है।
- ड्यूटी में छूट से कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली जरूरी दवाओं की कीमतें सीधे कम होंगी।
- इंपोर्टेड ऑन्कोलॉजी दवाओं पर अक्सर बेसिक कस्टम ड्यूटी लगती है, जिससे उनकी कीमत काफी बढ़ जाती है। इस टैक्स को खत्म करके, सरकार को उम्मीद है कि लागत में होने वाली बचत मरीजों तक पहुंचेगी, जिससे कैंसर केयर से जुड़े सबसे बड़े खर्च में कमी आ सकती है।
भारत लंबे समय से कैंसर के इलाज की महंगी लागत से जूझ रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, दवाओं की कीमतों में मामूली कमी भी लंबे समय तक इलाज कराने वाले परिवारों के लिए काफी बचत में बदल सकती है। इसलिए, 17 कैंसर से संबंधित दवाओं पर कस्टम ड्यूटी में छूट को मरीजों के लिए जेब से होने वाले भारी खर्च को कम करने की दिशा में एक कदम के रूप में देखा जा रहा है, खासकर उन लोगों के लिए जिनके पास बीमा कवरेज नहीं है।